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प्राथमिक स्कूलों में नहीं मिलेगा बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान, पाठ्यक्रम से हटाया अध्याय

Fri, 28 Sep 2018 12:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब कंप्यूटर का ज्ञान नहीं मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कक्षा 5 के पाठ्यक्रम से कंप्यूटर शिक्षा को हटा दिया है। अब इसे कक्षा 6 से 8 के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

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शैक्षिक सत्र 2017-18 तक कक्षा 5 में ही बच्चों को कंप्यूटर का प्रारंभिक ज्ञान दिया जाता था। कक्षा 5 की पुस्तक ‘परख’ में 7वां अध्याय कंप्यूटर शिक्षा का था। इसमें विद्यार्थियों को मॉनीटर, की बोर्ड, माउस, सीपीयू, कंप्यूटर की क्रियाविधि और उपयोगिता की जानकारी दी जाती थी। 

एससीईआरटी ने शैक्षिक सत्र 2018-19 में ‘परख’ पुस्तक को ही हटा दिया है। ‘परख’ का बचा हुआ पाठ्यक्रम हमारा परिवेश और भूगोल की पुस्तक में समायोजित किया गया है। 
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बच्चों को अब कंप्यूटर का ज्ञान कक्षा 6 से मिल सकेगा। कक्षा 6 से 8 तक उन्हें ‘आओ समझें विज्ञान’ पुस्तक में कंप्यूटर के बारे में बताया जाएगा।

कक्षा 6 की पुस्तक में 17वां अध्याय कंप्यूटर का है। इसमें बच्चों को कंप्यूटर की भाषा एवं गुण, कंप्यूटर का विकास, कंप्यूटर के प्रकार, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, पर्सनल कंप्यूटर के भाग एवं कार्य की जानकारी दी जाएगी। 

कक्षा 7 की विज्ञान की पुस्तक में 20वां अध्याय कंप्यूटर शिक्षा का है। इसमें बच्चों को इनपुट और आउटपुट डिवाइस, माउस, की बोर्ड, सीपीयू, मॉनीटर, कंप्यूटर ऑन-ऑफ करने और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के बारे में बताया जाएगा।

कक्षा 8 की विज्ञान की पुस्तक में भी 17वां अध्याय कंप्यूटर शिक्षा पर है। इसमें विद्यार्थियों को फ्लोचार्ट एवं एलगार्थिम, नेटवर्किंग परिचय एवं उपयोगिता, इंटरनेट परिचय, वेबसाइट, ब्राउजर, हॉटलिंक, यूआरएल, ईमेल परिचय, विशेषता एवं प्रयोग विधि और शैक्षिक एप्स की जानकारी दी जाएगी।

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किताबी ज्ञान तक सीमित रहेगी कंप्यूटर शिक्षा

कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान की पुस्तक में कंप्यूटर पर एक-एक अध्याय जरूर शामिल किया गया है, लेकिन बच्चों के लिए कंप्यूटर की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित रहेगी। दरअसल अधिकतर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर और कंप्यूटर टीचर नहीं हैं। बड़ी संख्या में तो स्कूलों में आज भी बिजली कनेक्शन नहीं है। ऐसे में बच्चों को कंप्यूटर के सामने बैठाकर प्रैक्टिकल नहीं कराया जा सकता है। 
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