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सैन्य अफसर के पिता को पेंशन न देने पर केंद्र सरकार पर ठोंका 50 हजार का हर्जाना

Sun, 10 Jul 2016 08:51 PM IST
मनोज कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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सशस्त्र सैन्य बल अधिकरण की लखनऊ क्षेत्रीय बेंच ने 13 साल पहले जान गंवाने वाले एयर फोर्स अफसर के 68 वर्षीय पिता को आश्रित पेंशन न देने पर सख्त रुख अख्तियार किया है।
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अधिकरण ने मामले में पक्षकार केंद्र सरकार पर 50 हजार रुपये का हर्जाना ठोंका है। यह रकम मृत सैन्य अफसर के पिता को मिलेगी। साथ ही अधिकरण ने केंद्र समेत अन्य पक्षकारों को निर्देश दिया कि चार माह में 10 फीसदी सालाना ब्याज दर पर पिता को आश्रित पेंशन अदा की जाए।

अधिकरण ने केंद्र समेत अन्य पक्षकारों को छूट दी है कि हर्जाने की रकम की वसूली रक्षा मंत्रालय के उस व्यक्ति से की जा सकेगी जिसने पेंशन भुगतान संबंधी पहले के निर्णय को पलट दिया था।
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अधिकरण के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और प्रशासनिक सदस्य एयर मार्शल अनिल चोपड़ा की खंडपीठ ने यह अहम फैसला मेरठ निवासी बीके त्यागी (68) की अर्जी को मंजूर करते हुए सुनाया।
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वायु सेना में रहते हुए मौत मानने से किया इनकार

- फोटो : demo
अर्जीदाता के पुत्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिशांत त्यागी की 31 मई 2003 को एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। सैन्य प्रशासन ने बीके त्यागी को आश्रित पेंशन देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि उक्त सैन्य अफसर की मौत वायु सेना की सेवा में रहते नहीं मानी जा सकती।

अर्जीदाता ने इसके खिलाफ अधिकरण में गुहार लगाई थी। अधिकरण ने अपने फैसले में कहा, अफसर के सर्विस रिकॉर्ड के मुताबिक अर्जीदाता (पिता) आश्रित पेंशन पाने का हकदार है। साथ ही सैन्य अफसर की मृत्यु वायु सेना की सेवा में मानी जाने लायक थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिशांत त्यागी की मृत्यु पर आश्रित पेंशन देने से इन्कार कर पक्षकारों ने गंभीर अन्याय किया है।

मामला 2003 का है, ऐसे में कानून के मद्देनजर यह अर्जीदाता को हर्जाना दिलाने का उचित केस है। अधिकरण ने इस टिप्पणी के साथ पक्षकारों पर 50 हजार का हर्जाना लगाया। यह रकम अर्जीदाता को मिलेगी।
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