सशस्त्र सैन्य बल अधिकरण की लखनऊ क्षेत्रीय बेंच ने प्रमोशन के मामले में मिलीभगत कर तथ्यों को छिपाने को लेकर केंद्र सरकार, चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ तथा सैन्य सचिव पर 50 लाख रुपये का हर्जाना ठोका है। हर्जाने की यह रकम इस पूरे प्रकरण में जांच के बाद जवाबदेह पाए जाने वालोक वेतन या पेंशन से वसूली जाएगी।
यही नहीं, अपने प्रमोशन के मामले में अर्जी दाखिल करने वाले ब्रिगेडियर एनके मेहता पर भी अधिकरण ने 5 लाख का हर्जाना लगाया है। हर्जाने की यह रकम दो माह में जमा करनी होगी। हर्जाने के कुल 55 लाख रुपये सेना के केंद्रीय कल्याण कोष को दिए जाएंगे।
अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया कि इस आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री के दफ्तरों समेत रक्षा सचिव को तीन दिन में भिजवाई जाए, जिससे वे इसके आलोक में जरूरी कार्रवाई कर सकें।
साथ ही, अधिकरण ने अर्जीदाता की ओर से इस मामले में मांगी गई राहत मंजूर करने से इन्कार करते हुए इसे खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि वह राहत पाने का हकदार नहीं है और मूल पद पर वापस भेजे जाने लायक है।