ऊंचाहार-उन्नाव रेल मार्ग पर बुधवार को डलमऊ स्टेशन से छूटी मालगाड़ी के तीन वैगन थोड़ी ही दूरी पर क्रॉसिंग के निकट पटरी से उतर गए। यह घटना उस समय घटी, जब इस नए बनाए गए ट्रैक पर मालगाड़ी से गिट्टियां डाली जा रही थी। इसीलिए गाड़ी की रफ्तार बहुत कम थी। जैसे ही वैगन पटरी से उतरे, स्थानीय अफसरों के हाथ-पैर फूल गए।
रेलवे यातायात बहाल करने के लिए आगे के नौ वैगन लालगंज भेजे गए तो पीछे के 33 वैगन काटकर वापस डलमऊ में खड़े कराए गए। लखनऊ से एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन पहुंच गई और पटरी से उतरे वैगन को हटाने का काम चल रहा है।
लालगंज की ओर से गिट्टियां लादकर मंगलवार रात लगभग 9 बजे मालगाड़ी डलमऊ स्टेशन आई थी। जिसे लाइन नंबर तीन पर खड़ा कराया गया। बुधवार अपराह्न लगभग 11.15 बजे इसे ट्रैक पर गिट्टियां डालने के लिए लालगंज की ओर रवाना किया गया। 45 वैगन वाली यह मालगाड़ी 100 मीटर की दूरी पर स्थित मुराईबाग रेलवे क्रॉसिंग से गुजर रही थी, तभी इसके तीन वैगन पटरी से उतर गए।
इससे क्रॉसिंग पर ही मालगाड़ी खड़ी हो गई। रोड ट्रैफिक के साथ ही रेलवे यातायात भी ठप हो गया। पटरी से उतरे तीन वैगन को छोड़कर बाकी वैगन को हटाकर रेलवे यातायात और रोड ट्रैफिक बहाल कराया गया। घटना के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। आसपास के स्टेशनों से अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें पहुंच गई, जिससे राहत कार्य शुरू हो गया।
पांच घंटे बाद पहुंची एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन
मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतरने के पांच घंटे बाद लखनऊ से एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन (एआरटी) डलमऊ पहुंची। 45 वैगन वाली इस मालगाड़ी के इंजन से नौवें, 10वें और 11वें नंबर के वैगन पटरी से उतरे। घटना के एक घंटे बाद इंजन के साथ नौ वैगन लालगंज भेज दिए गए। दोपहर लगभग 2.30 बजे रायबरेली से आए इंजन से पीछे के 33 वैगन को काटकर खींचा गया, जिसे डलमऊ में ही खड़ा कर दिया गया।
लखनऊ से रायबरेली होते हुए शाम करीब 4.25 बजे एआरटी डलमऊ पहुंची और पटरी से उतरे वैगन को हटाने का काम शुरू कराया गया। खबर लिखे जाने तक मंडल कार्यालय से किसी बड़े अधिकारी के पहुंचने की सूचना नहीं थी। रायबरेली, ऊंचाहार, लालगंज, डलमऊ के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें लगाई गई हैं, लेकिन कोई कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।