बाइक बोट घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा ने निवेश कराने वाली कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के एक डायरेक्टर सुनील कुमार प्रजापति को मेरठ से गिरफ्तार किया है। सुनील पर नोएडा पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये इनाम घोषित था।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि सुनील प्रजापति 2017 में अतिरिक्त निदेशक के रूप में यह कंपनी में शामिल हुआ था। उसने 2018 में कंपनी से त्यागपत्र भी दे दिया था, लेकिन इस दौरान बाइक बोट के नाम पर भारी निवेश कराया गया। बाइक बोट स्कीम में एक मुश्त 62200 रुपये का निवेश कराया जाता था और उसके बदले साल भर तक 9765 रूपये दिए जाने का वादा किया जाता था।
बाद में कंपनी फरार हो गई तो लोगों ने एफआईआर दर्ज करानी शुरू की। नोएडा के विभिन्न थानों में कुल 57 एफआईआर दर्ज है। जिसमें मुख्य अभियुक्त संजय भाटी समेत 12 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। बाद में यह मामला ईओडब्ल्यू के सुपुर्द कर दिया गया था और सीबीआई जांच कराने की सिफारिश भी की गई थी। सीबीआई जांच अब तक शुरू नहीं हुई है। जबकि ईओडब्ल्यू के मेरठ सेक्टर के पांच इंस्पेक्टर इन मामलों की विवेचना कर रहे हैं।
ईओडब्ल्यू इस मामले में अब तक सवा दो सौ से अधिक बाइक बोट मोटर साइकिल बरामद कर चुकी है। ईओडब्ल्यू के मेरठ सेक्टर के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार यादव ने बताया कि सुनील की गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू द्वारा की गई पहली गिरफ्तारी है।
प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है जांच, जब्त कर चुका है 100 करोड़ की संपति
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रहा है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में केस दर्ज कर घोटाले के मुख्य सूत्रधार संजय भाटी की 104 करोड़ रुपये की संपति जब्त कर चुका है। पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय ने संजय भाटी के नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुरनगर और इंदौर में कुल 19 संपति अटैच की थी। इसके अलावा सात अन्य लोगों के नाम पर खरीदी गई संपति भी प्रवर्तन निदेशालय ने अटैच की थी। साथ ही गर्वित इन्नोवेटिव के नाम के 26 प्लाट भी प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर चुका है। संजय भाटी के खातों में जमा 2.28 करोड़ रुपये भी सीज कर दिए गए थे।