उन्नाव में अमेजन द्वारा विद्युत शुल्क की प्रतिपूर्ति के दावे पर कहा गया है कि वेयरहाउस और लॉजिस्टिक नीति के तहत इसका समाधान किया जाए। कानपुर देहात में भारत पेट्रोलियम का निवेश इसलिए अटका है क्योंकि 90 किसान अपनी जमीन वापसी को लेकर विरोध कर रहे हैं। इस कारण शेष जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा है।
लखनऊ, प्रयागराज, बाराबंकी, गोरखपुर, सीतापुर, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, बागपत, अयोध्या, बिजनौर, सहारनपुर, कौशाम्बी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, संभल, आगरा और बरेली में लंबित निवेश भी लंबे समय से विभिन्न विभागों से एनओसी मिलने की राह देख रहे हैं।
इन विभाग में सर्वाधिक फाइलें अटकीं
भूगर्भ जल विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य प्रसंस्करण, प्राविधिक शिक्षा, राजस्व विभाग, वन विभाग, पर्यावरण विभाग, आवास विकास, लखनऊ विकास प्राधिकरण, डीएम अयोध्या, डीएम बिजनौर, मत्स्य पालन विभाग, यूपीसीडा, पिकप, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, चीनी व गन्ना विकास, पावर कॉपोरेशन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, डीएम कानपुर देहात, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के दफ्तरों में सबसे ज्यादा फाइलें लंबित हैं।