लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होते ही यहां के पुलिस आयुक्त सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करते थे। क्योंकि यहां पुलिस आयुक्त एडीजी रैंक के अफसर तैनात किए गए थे और कानून व्यवस्था का पद भी एडीजी रैंक का ही है, इसलिए एक रैंक ऊपर के अधिकारियों को रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई थी।
नवगठित पुलिस कमिश्नरेट समेत अब सभी पुलिस कमिश्नरेट अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था को रिपोर्ट करेंगे। किसी भी घटना, दुर्घटना या कानून व्यवस्था की स्थिति में कमिश्नरेट के अफसरों को तत्काल एडीजी कानून व्यवस्था को बताना होगा। अभी तक पुलिस कमिश्नरेट में तैनात पुलिस आयुक्त सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करते थे। नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होते ही यहां के पुलिस आयुक्त सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करते थे। क्योंकि यहां पुलिस आयुक्त एडीजी रैंक के अफसर तैनात किए गए थे और कानून व्यवस्था का पद भी एडीजी रैंक का ही है, इसलिए एक रैंक ऊपर के अधिकारियों को रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई थी। लेकिन नवगठित पुलिस कमिश्नरेट में आईजी रैंक के अफसरों की तैनाती की गई। साथ ही गौतमबुद्धनगर में भी जहां पहले एडीजी की तैनाती थी, वहां आईजी की तैनाती कर दी गई। नई व्यवस्था के बाद तय हुआ कि कमिश्नरेट के मुखिया अब डीजीपी के बजाए एडीजी कानून व्यवस्था को ही रिपोर्ट करेंगे।