डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध कई कॉलेज विवि की रैंकिंग का गलत हवाला देकर नए सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को लुभा रहे हैं।
हालत यह है कि कोई संस्थान खुद को विवि का एक नंबर कॉलेज तो कोई उत्तर भारत का पहला स्थान पाने वाला कॉलेज बता रहा है। इस पर विश्वविद्यालय ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चेताया है।
प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है जबकि आवेदन प्रक्रिया चल रही है।
यही वजह है कि कॉलेज विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए आकर्षित करने के लिए विज्ञापन आदि प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
विवि के संज्ञान में आया है कि अपने इस प्रचार-प्रसार में कई कॉलेज एकेटीयू की रैंकिंग का हवाला दे रहे हैं। वे खुद को एकेटीयू का एक नंबर का कॉलेज बता रहे हैं।
इसके आधार पर वह अभी से विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। आगे चलकर इन्हीं रजिस्टर्ड विद्यार्थियों का प्रवेश डायरेक्ट एडमिशन में होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि इससे छात्रों व अभिभावकों के गुमराह होने की आशंका है।
विवि प्रवक्ता आशीष मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों की इस तरह की कोई रैंकिंग नहीं जारी करता है। वर्तमान सत्र में विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों को परीक्षाफल के आधार पर कोई रैंकिंग नहीं दी गई है।
अगर कोई भी संस्था छात्र या अभिभावक को गुमराह करने का प्रयास करता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वाइवा भी ऑनलाइन होगा
एकेटीयू अपनी सेमेस्टर परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन की सफल शुरुआत के साथ ही सम सेमेस्टर पाठ्यक्रमों की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का वाइवा भी ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया है। विवि के डीन यूजी प्रो. सुबोध वैरिया ने सभी संबद्ध कॉलेजों को सूचित किया है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए परीक्षकों की ड्यूटी सूची संस्थानों की लॉगइन में उपलब्ध करा दिया गया है। छात्र हित में प्रयोगात्मक परीक्षा की समय सारिणी तैयार कर संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दें। साथ ही वाह्य परीक्षकों का विवरण भी सत्यापित कराकर ऑनलाइन परीक्षा आयोजन सुनिश्चित करें।