लखनऊ। पीजीआई स्थित ओपी चौधरी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) प्रथम वर्ष की छात्रा राजनंदिनी (20) की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने शनिवार प्रताड़ना का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है। प्रताड़ना का आरोप कॉलेज प्रबंधन, क्लास टीचर, वार्डन और एक फोनकर्ता पर लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
उन्नाव के पुरवा मिर्री चौराहा निवासी राजनंदिनी के पिता सुरेशचंद्र रावत ने वार्डन निशा, कॉलेज प्रबंधन, क्लास टीचर व परिजनों को फोन कर बातचीत के लिए बुलाने वाले मनोज कुमार पर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शनिवार को उन्होंने तहरीर दी है।
पिता का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें बताया गया था कि बेटी का सुसाइड नोट मिला है। बाद में इन्कार कर दिया गया। इंस्पेक्टर पीजीआई रविशंकर त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में प्रताड़ना का आरोप सही नहीं मिला है। परिजनों की तहरीर बदलवाने का आरोप भी गलत है। परिजनों ने पहले कोई तहरीर नहीं दी थी।
4500 रुपये का विवाद आया सामने, सॉरी मैडम... लिखा सुसाइड नोट मिला
इंस्पेक्टर का कहना है कि राजनंदिनी के हॉस्टल के कमरा नंबर 103 से सुसाइड नोट मिला था। इसमें राजनंदिनी ने सॉरी मैडम... लिखा था। जांच में पता चला है कि आत्महत्या से दो दिन पहले छात्रा का एक सहपाठी से 4,500 रुपये को लेकर विवाद हुआ था। इसकी पुष्टि कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे से हुई है। छात्रा ने चार हजार रुपये कैश और 500 रुपये ऑनलाइन सहपाठी को ट्रांसफर किए थे। इसी विवाद के चलते कॉलेज प्रशासन ने बृहस्पतिवार को परिजनोंं को फोन कर शुक्रवार बातचीत करने के लिए बुलाया था।