डौंडियाखेड़ा में खचाने की चर्चा बहुत हुई लेकिन वहां निकला नहीं। लेकिन यहां बिना चर्चा के ही एक बड़ा खजाना सिपाही के हाथ लगा है।
बैंक का कर्ज चुकाने के लिए घर की ईंटें बेच रहे एक सिपाही के हाथ खजाना लग गया। मगर जैसे ही ये खबर पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने न सिर्फ खजाने पर हाथ साफ किया बल्कि उसकी पिटाई भी की।
मीरपुर कोनिया गांव निवासी रामअभिलाख के हाथ बुधवार को खजाना लग गया।
दीवार की खोदाई के समय 18वीं शताब्दी के चांदी के सिक्कों से भरा एक कलश मिला तो घर वालों को लगा कि अब बैंक का सारा कर्ज उतर जाएगा लेकिन उनके सपनों पर पानी फेर दिया चौकी इंचार्ज इश्हाक ने।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले तो ग्रामीण को पीटा, फिर छोड़ने के लिए सिक्कों में हिस्सा मांगा।
शेष संपत्ति को खजाने में जमा करने की बात कहकर सिक्कों भरा कलश ले लिया लेकिन फिर पुलिस सिक्कों की जानकारी होने से ही मुकर गई। ग्रामीण अब थाने के चक्कर लगा रहा है।