बिना पंजीकरण के चल रहे केयर अस्पताल और ऋषि अस्पताल को सील कर दिया गया है। फैजुल्लागंज स्थित केयर अस्पताल में दो मरीजों को बंधक बनाकर रखने का आरोप था।
जबकि विजयंत खंड गोमती नगर के ऋषि अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से एक बच्चे की मौत का आरोप था। इन आरोपों पर सीएमओ ने पिछले दिनों छापा मारा तो कई तरह की गड़बड़िया भी मिलीं।
इसके बाद शनिवार को सीएमओ ने दोनों अस्पतालों को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव के निर्देश पर शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम केयर अस्पताल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र पहुंची।
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सीएमओ के अनुसार जब टीम वहां पहुंची तो संचालक और कर्मचारी फरार मिले। वहां सिर्फ गार्ड ही तैनात था। एसीएम शैलेंद्र मिश्र, डिप्टी सीएमओ डॉ. कमलेश यादव के नेतृत्व में डॉ. बीबी यादव, डॉ. ताविंदर ख्वाजा, डॉ. राजेंद्र चौधरी, डॉ. जीएस वाजपेई और डॉ. राघवेन्द्र ने अस्पताल की जांच पड़ताल की।
कोई मरीज न मिलने पर ओटी, एनआईसीयू, आईसीयू और दूसरे फ्लोर पर बने वार्ड सील कर दिए गए। डिप्टी सीएमओ डॉ. कमलेश ने बताया कि अस्पताल में मरीजों से मिले सभी कागजात जब्त कर लिए गए हैं।
टीम ने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा लिखने के लिए तहरीर दी है। इसके बाद शाम करीब 5.30 बजे एसीएम आरके गुप्ता, एसीएमओ डॉ. राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम ऋषि अस्पताल पहुंची।
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टीम के पहुंचते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वहां ओरल कैंसर का इलाज करा रहे कानपुर के 35 वर्षीय उमेश कुमार को विवेकानंद अस्पताल और विवेकखंड की 50 वर्षीय सुषमा तिवारी को लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इसके बाद अस्पताल में मौजूद दस्तावेजों को कब्जे में लेकर अस्पताल को सील कर दिया गया। केयर अस्पताल में मंगलवार (15 अक्तूबर) को एक विधायक की शिकायत के बाद सीएमओ की टीम ने वहां बंधक दो मरीजों को छुड़वाया था।
जांच के दौरान पंजीकरण का नवीनीकरण न होने, बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलने और यूनानी डॉक्टर से एलोपैथिक इलाज कराने का भी पता चला था। इसी आधार पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई थी।
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