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किसान सम्मान दिवस पर विपक्ष पर हमलावर हुए सीएम योगी, कहा-किसान हितों से खिलवाड़ करने वाले कर रहे ओछी राजनीति

Wed, 23 Dec 2020 07:48 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को लेकर विपक्ष पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा कि न तो मंडिया समाप्त होंगी और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), फिर भी किसानों को गुमराह किया जा रहा है। मंडियों को ई-तकनीक से जोड़ने का कार्य हुआ है। मंडी शुल्क घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बावजूद किसान हितों से खिलवाड़ करने वाले ओछी राजनीति कर रहे हैं। किसान के जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों में बदलाव किया है। जिन्हें किसानों की प्रगति अच्छी नहीं लगती, देश का विकास अच्छा नहीं लगता, वे ही लोग किसानों को भड़काने में लगे हैं।
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सीएम ने ये विचार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 118 वीं जयंती के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में सबसे अधिक काम किए। किसानों के जीवन में व्यापक बदलावों के लिए प्रधानमंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं। किसान बिना किसी टैक्स के देश की किसी भी मंडी में अपने उत्पाद बेच सकते हैं। कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन आदि क्षेत्रों में समन्वय स्थापित कर किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता साफ कर दी है।

रमाला चीनी मिल का चालू होना चरण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि
उन्होंने कहा कि सरकार ने रमाला चीनी मिल चालू कर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। रमाला में 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना की पेराई हो रही है। चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही बागपत की रमाला चीनी मिल 30 वर्षों से बंद थी। उस चीनी मिल का नवीनीकरण और विस्तारीकरण नहीं किया गया था। किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले लोग सत्ता पर काबिज होते ही मौन हो जाते थे, कभी उनकी चिंता नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1.2 लाख करोड़ का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराया और बंद हो चुकी चीनी मिलों को फिर से शुरू कराया। आज प्रदेश में चीनी मिलों को विस्तार दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी किसान हित में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ किया। लंबित सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का कार्य कर प्रदेश सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है।
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किसानों के खातों में भेजे जाएंगे 18 हजार करोड़

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को किसान सम्मान निधि की अगली किस्त के रूप में किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये भेजेंगे। 54 हजार करोड़ रुपये वार्षिक भेजे जा रहे हैं। इससे किसान समय पर खाद, बीज और कृषि रसायन खरीद कर खेती के लिए अपनी जरूरत को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसानों को बिचौलियों और साहूकारों के जाल से मुक्ति की व्यवस्था भी की गई है। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए लागत का डेढ़ गुना दाम तय किया गया है। प्रत्येक किसान को एमएसपी का लाभ मिल सका, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का परिणाम है।

छोटे उद्योगों का खेती से सीधा जुड़ाव
उन्होंने कहा कि किसान को तकनीक के साथ जोड़ा जा रहा है। किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा दी गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से हर खेत तक पानी पहुंचाया गया। किसानों से जुड़े कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि स्थानीय उत्पाद देश की प्रगति का आधार बनेगा। इस स्थानीय उत्पाद का कृषि और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम से जुड़ाव है। स्थानीय उत्पादों से जुड़े शिल्पकार गांवों और कस्बों में बसते हैं। भारत में समृद्धि तब आएगी, जब किसान समृद्धशाली होगा।

किसानों से जुड़े कृषि विज्ञान केंद्र
सीएम ने कहा कि प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्रों को जोड़ा गया है। झांसी में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय शुरू हुआ है। बीएचयू के कृषि संकाय को किसानों से जोड़ा गया है। 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम कर रहे हैं। लागत को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को ट्रैक्टर दिए जा रहे हैं। 20 कृषि विज्ञान केंद्रों को स्थापित करने का संकल्प भी पूरा किया गया है।
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