सीएम ने कहा कि गन्ने की खेती से यूपी ने दुनिया में पहचान बनाई है। यूपी के लोगों ने गन्ने की खेती से मॉरीशस, फिजी जैसे निर्जन टापुओं को आबाद कर दिया। कहा कि गन्ना विभाग प्रदेश की पहचान रहा है। उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे उर्वर भूमि है, पर्याप्त सिंचन व्यवस्था है। इसके बावजूद पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी उद्योग को हतोत्साहित करने का काम किया। राज्य सरकार गन्ना किसानों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। इस वर्ष से गन्ना पर्ची वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है।
खांडसारी इकाइयों के 50 लाइसेंस दिए
मुख्यमंत्री ने कहा, वर्तमान सरकार खांडसारी व गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसके लिए ऑनलाइन खांडसारी लाइसेंस व्यवस्था लागू की गई है। खांडसारी उद्योगों को चार माह की अल्पावधि में 50 नए लाइसेंस जारी किए गए हैं।
देश का 38 फीसदी चीनी उत्पादन यूपी में
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गन्ना विभाग के लिए पिछला डेढ़ साल ऐतिहासिक रहा है। चीनी उत्पादन में यूपी नंबर-1 ही नहीं है, देश की 38 फीसदी चीनी का उत्पादन यूपी में हो रहा है। प्रदेश में वर्ष 2015-16 में गन्ना उत्पादकता 66 टन प्रति हेक्टेयर थी जो 2016-17 में 72 टन और 2017-18 में 80 टन प्रति हेक्टेयर पहुंच गई। प्रदेश की जीडीपी में गन्ना 8.50 फीसदी योगदान करता है।