समारोह में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 283 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसमें आयुष विभाग के 163 चिकित्सा अधिकारी, दो रीडर (आयुर्वेद), 19 प्रोफेसर, 3 प्रवक्ता (होम्योपैथी) और गृह विभाग के तहत विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के 96 कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्ष में 8.30 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। यह नियुक्तियां सुचिता और पारदर्शिता के साथ नहीं होतीं, तो ये सभी मामले कोर्ट में लंबित हो जाते और एक भी भर्ती पूरी नहीं हो पाती। अब तक 1,56,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई। 60,200 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है, और साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 8 वर्ष पहले यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी और पुलिस भर्ती बोर्ड की कार्य पद्धति पर गंभीर सवाल उठते थे। हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाएं लंबित रहती थीं। तत्कालीन सरकार और आयोगों की कार्य पद्धति पर न्यायालय ने भी सवाल खड़े किए थे।
पहले आजमगढ़ के नाम पर नहीं मिलता था कमरा, अब मिल रही नौकरी
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जिस आजमगढ़ के नाम पर वहां के युवाओं को कमरा तक नहीं मिलता था। संयोग है कि आज वहीं के युवक को एफएसएल लैब में कार्य करने के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहा है। यह प्रदेश में हुए बदलाव की कहानी है।