शिक्षाविद व अर्थशास्त्री डॉ विशाल सक्सेना ने बताया कि महिलाएं इसलिए भी सबसे बड़ी निवेशक हैं, क्योंकि वह घर की जरूरतों से छोटी छोटी बचत कर अपने पास रखती रहती हैं, जो कि गाढ़े वक्त में काम आती है। इसलिए महिलाओं को और भी ज्यादा जागरुक होना है, जिससे कि उनकी छोटी बचत बाजार के लिहाज से उनको रिटर्न भी दे। बताया कि अगर बेटी के नाम पर एक लाख रुपया निवेश कर 30 साल के लिए छोड़ दें तो 30 साल बाद वह 66 लाख से ज्यादा होगा। म्यूचुअल फंड औसत 15 प्रतिशत का लाभ देता है। वहीं बैंक 3.5 प्रतिशत रिटर्न देता है जबकि हर साल महंगाई ही 5.5 प्रतिशत की दर से बढ़ जाती है। ऐसे में बैंक में निवेश से महंगाई की दर को कैसे पीछे छोड़ सकेंगे। बताया कि अभी मार्केट छह महीने से हल्की कमजोर है, लेकिन फिर भी शेयर बाजार के मुकाबले म्यूचुअल फंड में मामूली सा ही नुकसान है।
म्यूचुअल फंड से खरीदी थी पहली कार
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शहर की ही निवेशक व उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की महिला इकाई की अध्यक्ष ममता जिंदल ने भी अपनी जिज्ञासा शांत की। साथ ही यह भी बताया कि 1988 में बिना पति को बताए म्यूचुअल फंड की छोटी छोटी बचत से ही जिंदगी की पहली कार खरीदी थी। अलग अलग स्तर की महिलाओं के लिए उन्होंने भी म्यूचुअल फंड को जरूरी बताया।
बच्चों के लिए कौन सा म्यूचुअल फंड अपनाए
शहर की ही अलकनंदा अपार्टमेंट से आईं वंदना शुक्ला ने बच्चों के बेहत भविष्य के लिए एफडी को सुरक्षित बताते हुए सवाल पूछे। मिरे एसेट के मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चों के जन्म के समय से या फिर हर साल, हर सप्ताह और हर दिन के लिहाज से निवेश किया जा सकता है। यह राशि कुछ भी हो सकती है। इसमें करीब 15 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलता है। मियाद जितनी लंबी होगी उतना ही मुनाफा होगा।