राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) लखनऊ खंडपीठ के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुशासन की पहली शर्त है रूल ऑफ लॉ। यह समयबद्ध, सहज और सरल हो। एक सामान्य कर्मचारी भी वहां तक पहुंच बना सके। उसकी समय पर सुनवाई और मेरिट के आधार पर मामलों का निस्तारण हो, यह जरूरी है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
केंद्रीय सरकार से जुड़े हुए विभिन्न सरकारी उपक्रम और शासकीय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को न्याय देने में कैट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आज यहां पर 16 जिलों के केंद्रीय कर्मियों के लिए कैट की व्यवस्था की गई है।
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सीएम ने कहा कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच लखनऊ पीठ ने 6700 मामलों में से 6000 से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। बहुत सारे मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठा कर सुना जाए तो जल्द निस्तारण हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि सीएम योगी के प्रयासों से ही कैट का भव्य भवन बनकर तैयार हुआ है। आपकी सरकार में जमीन के ट्रांसफर का काम शुरू हुआ। सीएम ने 1825 स्क्वायर फीट जमीन देने में तनिक भी देर नहीं लगाई। इस पर 18 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य हुआ।