तकनीक और चिकित्सा विभाग को मिलकर काम करना होगा
सीएम ने कहा कि केजीएमयू के डॉक्टरों ने काम किया। मिशाल पेश की। कहा कि सर्जरी के लिए 377 करोड़ रुपये के नए भवन के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। फायर सिक्योरिटी के लिए लारी का विस्तार 70 करोड़ रुपये से हो रहा है। कहा कि आपसी सहयोग में और तेजी लाएं। तकनीक और चिकित्सा विभाग को मिलकर काम करना होगा।
सीएम ने आगे कहा कि कोविड महामारी के दौरान अमेरिका से दिल के डॉक्टर आए थे। वह कानपुर से पढ़े थे। बीटेक के बाद अमेरिका में जाकर डॉक्टर बन गए। 25 साल पहले अमेरिका में यह सुविधा थी। हमें आगे आने के लिए प्रयास करना होगा। पैसे की कमी नहीं है। काम समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना होगा। सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है।
डाटा सेंटर की स्थापना होगी
सीएम ने कहा कि सेंटर फॉर एक्सीलेंस विभाग पैसा ले लेता है। समय पर खर्च नहीं कर पाते हैं। पीएलए का पैसा निकलवाकर प्रदेश के कार्मिकों का वेतन दिया। 31 मार्च तक स्वीकृत पैसा न खर्च न कर पाने वाले विभाग का पैसा वापस ले लें। अगले साल फिर आवंटन हो। यहां पर डाटा सेंटर की स्थापना होगी। इसके लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम करना होगा।
सीएम ने कहा कि मरीजों की स्क्रीनिंग कैसे करें? वर्चुअल आईसीयू, टेलीमेडिसिन कैसे कर सकते हैं? आप लोग इस पर भी सोचें। उपचार के लिए पैसे की कमी नहीं है। समस्या पैसा नहीं है। खराब दिनचर्या से भी मरीजों की भीड़ रही है। दूसरा बीमारी स्मार्ट फोन बन गई है। इसके लिए मानसिक रोग विभाग का विस्तार किया जाना है।
सेवा और शिक्षा दोनों फील्ड में मानक तय करें
सीएम ने कहा कि डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी पूंजी उसकी संवेदना होती है। सबके निरोग होने की कल्पना के साथ डॉक्टर का व्यवहार ठीक होगा तो बाकी स्टाफ का भी व्यवहार ठीक होगा। बीमारी चली जाती है, लेकिन व्यवहार याद रहता है। कहा कि सेवा और शिक्षा दोनों फील्ड में मानक तय करें। आगे के तीन और पांच सालों का लक्ष्य तय करें।