यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए ये बेहद जरूरी है कि एमएसएमई मजबूत स्थिति में हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पर प्रकृति का आर्शीवाद है। यहां अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प उत्पाद बन रहे हैं। लेकिन कई बार यह सहयोग की कमी की वजह से अच्छी तरह से ग्रो नहीं कर पाते। सीएम अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई डे के मौके पर एमएसएमई से जुड़े लोगों को संबोधित कर रहे थे।
लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि एमएसएमई पॉलिसी के तहत छोटे उद्योग लगाने वाले लोगों को एक हजार दिन तक कोई विभाग परेशान नहीं करेगा, ताकि वह अपना व्यवसाय विकसित कर सकें। इसी तरह तमाम अन्य सहायता भी इसी पॉलिसी में दी जा रही।
अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई की 90 लाख से अधिक इकाइयों के योगदान की वजह से देश में प्रदेश की अर्थव्यवस्था छठे स्थान से दूसरे स्थान पर आ गई है। रोजगार देने के मामले में यूपी पहले पायदान पर है। छोटी इकाइयों की ब्रांडिंग और शोकेसिंग में प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। इस अवसर पर उन्होंने एमएसएमई इकाइयों को बैंकों द्वारा 20 हजार करोड़ के ऋण वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण तथा टूलकिट दिए। मुख्यमंत्री ने आरएएमपी (रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना का भी शुभारंभ किया। इस दौरान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उद्यमियों को जमीन का संकट दूर करने के लिए ग्राम समाज की बेकार जमीन का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। साथ ही कब्जे वाली जमीनों को खाली कराकर एमएसएमई पार्क के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
गुरुवार को लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में सैकड़ों साल से हस्तशिल्पी व कारीगर उत्पाद बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रोत्साहन के अभाव में एमएसएमई सेक्टर दम तोड़ रहा था। छोटे उद्यमियों के बीच निराशा थी। प्रदेश अर्थव्यवस्था और रोजगार में फिसड्डी था। वर्ष 2017 के बाद से लगातार किए गए प्रयास से एमएसएमई उद्योग आज प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
20 हजार करोड़ से ज्यादा के लोन देने का आरंभ
सीएम योगी ने कहा कि हम इंटरनेशनल ट्रेड शो के जरिए प्रदेश के एमएसएमई प्रोडक्ट की शोकेसिंग करने में कामयाब हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज 20 हजार करोड़ से अधिक के लोन सुविधा उद्यमियों को मिलने जा रही है। इस दौरान झांसी में रानी लक्ष्मीबाई प्लेज पार्क का उद्घाटन सीएम ने किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर में अबतक 24 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। फ्लेटेड फैक्ट्री की खूबियां गिनाने के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी सितंबर में इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होने जा रहा है। पिछले साल 70 हजार बायर्स ट्रेड शो में आए थे, इसबार यह संख्या और बढ़ेगी।
युवाओं को पांच लाख का ब्याज मुक्त लोन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी दुर्घटना बीमा के तहत 24 लाख से अधिक उद्यमी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत युवाओं को पांच लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। दस साल में 10 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को इससे जोड़ा जाएगा। समारोह में आईआईडीसी मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, समीर रंजन पंडा आदि मौजूद थे।
क्या है रैम्प योजना
एमएसएमई के प्रदर्शन को बेहतर और तेज करने यानी रैम्प (राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफार्मेंस) योजना पेश की गई है। इसका उद्देश्य छोटी इकाइयों के बाजार और लोन में सुधार करना है। केंद्र-राज्य संबंधों और योजनाओं को बेहतर करना है। एमएसएमई को देर से भुगतान समस्या को दूर करना है। रैम्प का काम रणनीतिक निवेश योजना तैयार करना भी है। इसके अंतर्गत छोटी इकाइयों की राह की बाधाओं की पहचान करना, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण व गैर-कृषि व्यवसाय, थोक एवं खुदरा व्यापार, ग्रामीण और कुटीर उद्योग, महिला उद्यम आदि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिये बजट पेश करना शामिल है।