मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि 50 वर्ष पुराने प्रदेश के सभी पुलों का बारीकी से निरीक्षण कराया जाए। उनके सुपर स्ट्रक्चर, पियर की स्थिति, सेतुओं के वाटर-वे में ब्लाकेज, पियर के साइड में स्कावर होल, सेतु के एबटमेन्ट ढाल व बोल्डर का परीक्षण किया जाएगा। असुरक्षित पुल को तत्काल यातायात के लिए बंद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात साल में प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सात साल में स्टेट हाइवे 7002 किमी से बढ़कर 10214 किमी हो गया है। जबकि ग्रामीण मार्गों की लंबाई 1,87,517 किमी से बढ़कर 1,93,581 किमी हो गई है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 किलोमीटर मार्गों का चौड़ीकरण हो रहा है। हर दिन गांवों में लगभग 11 किमी नई सड़क बन रही है। इस रफ्तार को और तेज करने के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इनसे जुड़े मार्गों को 15 जुलाई तक शतप्रतिशत गड्ढामुक्त कर दिया जाए। जलभराव वाली सड़कों पर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ब्लॉक मुख्यालयों को दो लेन सड़क की कनेक्टिविटी का अभियान समय से पूरा करने पर जोर देते हुए संतोष जताया कि कुल 165 में से 143 मार्गों का निर्माण पूरा हो गया है।