मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि ग्रामीण इलाके का साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी हाट-पैठ निर्माण कराया जाए। इसकी व्यवस्था का दायित्व संबंधित नगरीय निकाय को सौंपा जाए। कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए मंडियों में कोल्ड रूम तैयार कराया जाए। ताकि किसान लंबे समय तक फसल सुरक्षित रख सकें। वह मंगलवार को राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 170वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि फसलों को रोग मुक्त बनाने के लिए चारों कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना की जाए। इसके लिए धनराशि की व्यवस्था मंडी परिषद द्वारा की जाएगी। रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए अध्ययन कराने, नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज (अयोध्या)के निर्माणाधीन छात्रावास की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 करने, कृषि विश्वविद्यालय मेरठ, कानपुर, बांदा में एक-एक छात्रावास का निर्माण कराने का भी निर्देश दिया। मुख्मयंत्री ने शोध गतिविधियां बढ़ाने, मंडी परिषद द्वारा त्रैमासिक न्यूज़ लेटर का प्रकाशन कराने और किसानों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मंडी परिषद ने पिछले वर्ष की अपेक्षा 2023-24 में करीब 400 करोड़ का राजस्व संग्रहीत किया है।
किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंडियों में किसानों के लिए सुविधाएं बढाई जाएं। साफ-सफाई, जल निकासी, शौचालय/पेयजल, विश्राम कक्ष और सस्ते दर वाली कैंटीन की व्यवस्था भी कराई जाए। कहीं भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।
कारोबारियों के लिए सुविधाएं बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नव स्थापित प्रसंस्करण इकाई को मंडी शुल्क से छूट देने की व्यवस्था को सरल करने के लिए मंडलायुक्त के बजाय सीधे जिलाधिकारी के पास आवेदन हो और वह सात दिन में रिपोर्ट मंडी समिति को भेज दें। गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, कानपुर देहात (बरीपाल) और मुरादाबाद की मंडी समिति में खाद्य तेलों पर लगने वाले यूजर चार्ज को समाप्त करने का निर्देश दिया। मंडी परिषद एवं मंडी समितियों में ''मैनुअल के स्थान पर ई-ऑक्शन'' व्यवस्था लागू किया जाए।