सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश जिस विरासत से हैं उन्हें किसान की परिभाषा तक पता नहीं होगी। कर्जमाफी पर ट्विट करने के बजाय उन 86 लाख किसानों के बारे में सोचना चाहिए जिनकी हंसी उड़ाने की कोशिश वह कर रहे हैं। किसानों को हंसी उड़ा रहे अखिलेश स्वयं ही हंसी का पात्र बन जाएंगे। कई दिनों से किसान कर्जमाफी योजना पर सवाल उठा रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर मंगलवार को योगी ने यह पलटवार किया।
सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किए गए ट्विट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम किसानों का सम्मान कर कर रहे हैं। जिन्होंने कुछ किया ही नहीं है उन्हें खुद सोचना चाहिए। 11 लाख किसानों में से सिर्फ 4000 किसानों का दस हजार से कम का ऋण माफ हुआ है। इसमें एक रुपये वाले भी हैं और दस हजार वाले भी। 10 लाख 96 हजार किसानों का दस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का ऋण माफ हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बहुत सारे किसान इसलिए ऋण नहीं चुका सके क्योंकि पूर्व की सरकारों ने उन्हें उनकी उपज का सही दाम नहीं दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने कर्जा चुका दिया है वह सरकार के लिए आदरणीय हैं। सरकार उन्हें सम्मानित करेगी। प्रदेश में परिवारवाद और जातिवाद नहीं किसान केंद्रित राजनीति होगी।