राजधानी लखनऊ में 71 भेड़ों की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लेते हुए प्रति भेड़ पर 10 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है। साथ ही मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
दरअसल, 25 दिसंबर को पीम मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया था। रविवार को यहां बनी पार्किंग में चरने गईं करीब 150 भेड़ें चार दिन से वहां पर पड़ा सड़ा भोजन खाने से मरणासन्न स्थिति में पहुंच गईं। इनमें से 71 की मौत हो गई। सोमवार की दोपहर इसकी सूचना मिली तो पशु चिकित्सा अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भेड़ों का इलाज शुरू किया। मौत की वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। विसरा भी जांच के लिए भेजा जाएगा।
प्रेरणा स्थल की पार्किंग के पास पड़ा भोजन खाने को भेड़ों को छोड़ दिया
क्षेत्र के फतेहपुर के ढकौली मदरिया निवासी शिवरतन पाल के पास करीब 350 भेड़ें हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर इन्हें चराने के लिए प्रेरणा स्थल की पार्किंग के पास पहुंचे। यहां पड़ा भोजन खाने के लिए भेड़ों को छोड़ दिया। शाम को इन्हें घैला पुल के किनारे लाकर रुक गए।
रात करीब 12:30 बजे उनका बेटा प्रदीप भेड़ों को देखने गया। कुछ देर बाद आकर उसने बताया कि 10 भेड़ें मर गई हैं। इस पर शिवरतन अन्य बेटों अजय पाल और विजय पाल के साथ मौके पर पहुंचे। भेड़ों को दवाइयां खिलाईं, पर राहत नहीं मिली। देखते ही देखते करीब 150 भेड़ें मरणासन्न अवस्था में पहुंच गईं। बाद में इनमें से 71 ने दम तोड़ दिया।
संकट में आया परिवार
शिवरतन पाल ने अफसरों को बताया कि भेड़ें ही उनके परिवार का भरण पोषण का सहारा हैं। 71 भेड़ें मरने से उनके परिवार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने उधार लेकर इन्हें खरीदा था। उनके बेटे विजय ने सरकार से मदद की मांग की है। जैसे ही इसकी सूचना सीएम योगी को मिली। उन्होंने तत्काल इसका संज्ञान लिया और आर्थिक मदद की घोषणा की।
विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी है सफाई
राष्ट्र प्रेरणा स्थल आउटर का इलाका है। वहां की सफाई की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण की है। उसकी ओर से सफाई करवाई जा रही होगी। - आकाश कुमार, जोनल अधिकारी, नगर निगम