मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 व 22 फ रवरी को लखनऊ में होने वाली यूपी इन्वेस्टर्स समिट की पुख्ता व समय से तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि समिट के लिए तय जिम्मेदारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री मंगलवार शाम को एनेक्सी में समिट की आयोजन समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट प्रदेश की छवि को निखारने का एक प्रतिष्ठित आयोजन है। इसमें कई केंद्रीय मंत्री, औद्योगिक घराने, राजदूत व हाई कमिश्नर, व्यापारिक संगठन, बैंकर्स व देश-विदेश के निवेशक शामिल होंगे। ऐसे में आयोजन के लिए बनाई गई सभी समितियां समय सीमा को देखते हुए सौंपे गए काम तेजी से पूरा करें। मुख्यमंत्री ने लंबित नीतियों की जानकारी ली।
जिन विभागों की नीतियां अभी तक जारी नहीं हुई हैं, उन्हें जल्द से जल्द जारी कराने से जुड़ी कार्यवाही का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी अब निवेश के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बन चुका है। 22 करोड़ की आबादी वाला यह राज्य न केवल एक बड़ा बाजार है बल्कि यहां कुशल जनशक्ति भी उपलब्ध कराता है।
सरकार प्राकृतिक व मानव संसाधनों का भरपूर लाभ उठाने के लिए निवेश फ्रेंडली नीतियों को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि समिट में एग्रो और फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, रिन्यूबल एनर्जी, टूरिज्म, सिविल एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी एंड स्टार्टअप, फिल्म, एमएसएमई आदि समिट के फोकस तय किए गए हैं।
बैठक में प्रजेंटेशन भी हुए। इस मौके पर उप मुख्यंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी व मुख्य सचिव राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।