मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले की यूपी में पर्यटन तो दूर कानून-व्यवस्था की बदहाली के चलते लोग औद्योगिक निवेश तक करना नहीं चाहते थे। पर्यटन विकास की 642 करोड़ की 488 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश पर्यटन विकास की ढेर सारी संभावनाओं को समेटे हुए आगे बढ़ रहा है। प्रदेश पर्यटन विकास के मानचित्र पर आज एक नई कहानी लिख रहा है।
मुख्यमंत्री आवास पर गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट भी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव, मथुरा का कृष्णोत्सव और रंगोत्सव और काशी की देव दीपावली पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुक तीर्थ, नैमिष धाम, गोरखपुर, कौशांबी, संकिसा, लालापुर सहित हर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया है।
मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में किसी न किसी पर्यटन स्थल का विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ इको टूरिज्म को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोज़गार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
मंदिर हमारी आत्मा, यह नहीं तो हम निष्प्राण- रेड्डी
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंदिर हमारी आत्मा हैं। अगर इसे निकाल दिया जाए तो कुछ भी नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की ओर से पर्यटन व संस्कृति संवर्धन के लिए किए गए प्रयासों को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार सांस्कृतिक विरासतों का उत्थान कर रही है जो कि नए भारत की नई तस्वीर है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के वार्षिक कैलेंडर व उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।