मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क मरम्मत व निर्माण के कार्य से जुड़े विभागों में जारी किए गए समस्त टेंडरों की ऑडिट जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ एफ आईआर दर्ज करने के साथ-साथ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। योगी ने 15 नवंबर तक प्रदेश की समस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान भी सुनाया।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी से लौटने के बाद बृहस्पतिवार शाम लोक भवन में सड़कों की मरम्मत व गड्ढामुक्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभागों के साथ बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने देवरिया व बस्ती जैसे कुछ जिलों में बिना काम कराए ही धनराशि जारी किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच कराने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, आरईएस, गन्ना विकास, मंडी परिषद, सिंचाई, नगर विकास, आवास विकास तथा ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिवों को सभी कार्य ई-टेडर से ही कराने और अपने-अपने विभागों के ई-टेंडर के लिए एप विकसित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरम्मत तथा सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं कोई कमी पाई जाए तो तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। खराब सड़क निर्माण व मरम्मत के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करें।
उन्होंने सभी शहरी, नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत व गड्ढामुक्ति का काम संबंधित विभागों को 15 नवंबर तक पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माणकर्ता ठेकेदार से सड़कों के अनुरक्षण का कार्य पांच वर्ष तक कराने की व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। सिंचाई विभाग को गंग नहर के किनारे 4-लेन मार्ग विकसित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण में आने वाली अड़चन दूर कराने का निर्देश मुख्य सचिव को दिया। कहा कि वह इस संबंध में जिलाधिकारियों के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव की उपस्थिति में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर जरूरी दिशानिर्देश जारी करें। बैठक में उपस्थित एनएचएआई के अधिकारियों को अपने राजमार्गों की मरम्मत का काम भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
शहरों के पास विकसित हो रही कालोनियां नगरीय क्षेत्रों में होंगी शामिल
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव नगर विकास को निर्देश दिए कि शहरों के इर्द-गिर्द विकसित हो रही अनियमित आवासीय कॉलोनियों को नगरीय क्षेत्र में शामिल कर लिया जाए। अनियोजित प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नगरीय विस्तार तथा नए निर्माण के संबंध में नई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
योगी ने निजी आवासीय कॉलोनी विकसित करने वालों की मॉनीटरिंग करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकासकर्ता निर्मित की जा रही कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं जैसे-सड़क, बिजली, पानी, पार्क आदि जनसुविधाएं विकसित कर रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी की जाए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव चीनी उद्योग संजय भूसरेड्डी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह व प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश आदि उपस्थित थे।