राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना की सराहना किया। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए ऐसी योजना शुरू करने वाला यूपी पहला राज्य हैं। यहां की सरकार ने संवेदनशीलता के यह पहल की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास बच्चों की उंगली पकड़ने जैसा है। केंद्र सरकार ने इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय कहा है। उन्होंने कोई भी योजना जनसहभागिता के बिना सफल नहीं हो सकती है। इसलिए इस योजना में भी जनसभागिता को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से भी अपील की कम से कम से एक-एक अनाथ बच्चों को गोद लेकर उनकी जिम्मेदारी उठाएं।
राज्यपाल ने अनाथ बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए व्यापक जनसहभागिता का भी आह्वान किया। उन्होंने हर काम के लिए सरकार के भरोसे रहने के बजाए सामाजिक कार्यों में जनसहभागिता की जरूरत बताई। आनंदीबेन ने समर्थ लोगों से बच्चों को गोद लेने, परिवार की तरह स्नेह देने और उनके शिक्षा-दीक्षा के प्रबंध करने पर जोर दिया। उन्होंने गुजरात में पटेल समाज में व्याप्त दहेज कुप्रथा के बारे में बताते हुए जनसहभागिता से आयोजित सामूहिक विवाह के प्रयासों से बदली तस्वीर की कहानी भी सुनाई। राज्यपाल ने सीएम योगी द्वारा संचालित सामूहिक विवाह योजना की प्रशंसा करते हुए इन कार्यक्त्रस्मों में समाज के अलग-अलग वर्गों को सहयोग देने की भी अपील की।
इन बच्चों को दिया स्कूल बैग व स्वीकृति पत्र
अभित्रान गुप्ता, युवराज गुप्ता, उन्नति, देविना साहू, अनुष्का अवस्थी, आर्या जायसवाल, मोहम्मद अतीक, यशिका।
इन दो बच्चों को दिया गया टैबलेट
कृतिका शर्मा और जसकीरत कौर को स्कूल बैग, स्वीकृति पत्र के साथ ही टैबलेट भी दिया गया है। दोनों व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे है।
’उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की खास बातें
- बच्चे के वयस्क होने तक उनके अभिभावक या देखभाल करने वाले को 4000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- 18 वर्ष की आयु से कम आयु के ऐसे बच्चे जिनका कोई अभिभावक या परिवार नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को राजकीय बाल गृह (शिशु) में देखभाल की जाएगी। ये गृह मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा एवं रामपुर में संचालित हैं।
- अवयस्क बालिकाओं की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में या प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखा जाएगा। जहां इनकी देखभाल और शिक्षा.दीक्षा के प्रबंध होंगे। इसके अलावा इन्हें प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में भी रखकर उनकी देखभाल की जाएगी।
- बालिकाओं के विवाह की समुचित व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बालिकाओं की शादी हेतु रुपये 1 लाख एक हजार राशि उपलब्ध कराएगी।
- स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे अथवा व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप दिया जाएगा।
ट्विटर पर भी यूपी सरकार की नई योजना के ट्रेंड ने मचाया धमाल
कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री द्वारा अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के संबंध में सोशल मीडिया पर किये गये ट्वीट प्त मोदी-योगी-हैं-ना ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया। 5 घंटे से अधिक समय तक यह ट्वीट टॉप पर बना रहा और इसको 47 हजार से अधिक लोगों ने रिट्वीट किया है। खास बात यह है कि इतने कम समय में यह ट्वीट 14.8 मिलियन लोगों तक पहुंचा और 255 मिलियन लोगों ने इसपर अपने मैसेज लिखे और ट्वीट को पसंद किया है।