सीएम योगी ने अभिभावकों को सम्मानित किया
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घटना के दिन को याद करते हुए सीएम ने कहा, घटना का पता चलते ही अपर मुख्य सचिव और डीजीपी से इसकी विस्तृत जानकारी ली। संकट प्रबंधन की दृष्टि से अधिकारियों को तत्काल बुलाया और रात 8 बजे से लगातार अलग-अलग स्तर से जानकारी लेते रहे। पहले यह पता नहीं था कि कितने बच्चों को बंधक बनाया गया है और इसका क्या कारण है।
जब ये बातें साफ हो गईं और पता चला कि बंधक बनाने वाला व्यक्ति दुर्भावना के कारण गांव में भारी नुकसान पहुंचा सकता है, तब चुनौती बढ़ गई थी। उधर, मीडिया कवरेज से पूरे देश के लोग इससे चिंतित हो गए थे। सीएम ने बताया कि पहले मौके पर एटीएस को रवाना किया गया।
इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह से भी संपर्क हुआ और उनके प्रयास से एनएसजी वहां घटनास्थल के लिए भेजे गए। इधर, आईजी रेंज पहले ही घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके थे। इसी दौरान फर्रुखाबाद के अधिकारियों से कहा गया कि वे अपराधी से संवाद स्थापित करें। इसका परिणाम था कि अपराधी ने छह माह की एक बच्ची को बाहर भेजा। बंधक प्रकरण को खत्म कराने में प्रशासन, पुलिस, जनता और जनप्रतिनिधि के बीच बेहतर समन्वय रहा, जो एक अच्छा उदाहरण है।
सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया
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मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि करथिया गांव में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने की व्यवस्था की जाए। जिनके पास सड़क, शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है, उन्हें उक्त सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन तीन दिन के अंदर प्रस्ताव भेजे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी दंपती सुभाष बाथम व रूबी की सालभर की बेटी गौरी की परवरिश की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। उसे कन्या सुमंगला योजना के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। गौरी के नाम पर एक निश्चित राशि बैंक में जमा की जाएगी ताकि आजीवन बच्ची का खर्चा चलता रहे। मुख्यमंत्री ने अन्य बच्चियों को भी कन्या सुमंगला योजना का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।