dm of fatehpur and gonda
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गोंडा में हजारों बोरी सरकारी खाद्यान्न कालाबाजारी के लिए भंडारण और फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितता से जुड़ी शिकायतों की जांच में पुष्टि हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह जांच खाद्य एवं रसद विभाग ने कराई। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म राज प्रताप सिंह के स्तर से गोंडा व फतेहपुर में अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश न होने से जुड़ी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी गई थी।
फतेहपुर में सरकारी जमीन के अनियमित हस्तांतरण से जुड़ी कार्यवाही की भी शिकायतें मिली थीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिकायतों का संज्ञान लेकर दोनों ही जिलों के जिलाधिकारियों के साथ प्रकरण से जुड़े वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का डंडा चला दिया।
मुख्यमंत्री ने गोंडा व फतेहपुर में जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई वरिष्ठ स्तर पर अत्यधिक शिथिल नियंत्रण व गैर जिम्मेदारी पूर्ण कार्य के लिए किया है। इस कार्रवाई के जरिए दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपनी कार्यशैली सुधारने का संदेश दिया गया है।
2010 बैच के प्रमोटी आईएएस अधिकारी प्रभांशु मूल रूप से इलाहाबाद के रहने वाले हैं। उन्हें पहली बार जिलाधिकारी की जिम्मेदारी मिली है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आंजनेय इसके पहले बुलंदशहर के डीएम रह चुके हैं। शासन ने इन अधिकारियों को तत्काल जिलों की जिम्मेदारी संभालने के लिए निर्देशित किया है।