मुख्यमंत्री योगी ने यूपी पुलिस को सिविल मामलों में देर रात दबिश नहीं देने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा है कि जघन्य अपराध के अभियुक्त के अलावा किसी भी सामान्य क्राइम के अभियुक्त/वारंटी की गिरफ्तारी के लिए रात में दबिश नहीं दी जाएगी। आशियाना क्षेत्र में अमिषा सिंह के घर देर रात पुलिस द्वारा दबिश देने और उनसे अभद्रता करने के मामले की खबर
अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सीएम ने ये निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि रविवार को साढ़े बारह बजे के करीब पुलिस आशियाना निवासी अरविंद सिंह के घर पहुंची। अरविंद सिंह की गैर मौजूदगी में घर पर घुसने की कोशिश की लेकिन उनकी पत्नी व बेटी ने दरवाजा नहीं खोला। अमीषा का आरोप है कि इस पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करते हुए गेट पर चढ़ गए।
अमीषा ने बताया कि वह अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगी तो, एक पुलिसकर्मी ने मोबाइल फोन छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। अमीषा ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी पुलिस और डीजीपी सहित अन्य अफसरों से शिकायत की। उसने लिखा कि वे बिना महिला कान्सटेबल के आए और गेट खटखटाया।
अमीषा ने बताया कि उसके पिता रविवार को बाहर गए थे। घर पर मां के अलावा वह और उसका छोटा भाई प्रखर थे। आधी रात को किसी ने गेट खटखटाया तो वह बाहर निकली। बाहर करीब 15-20 पुलिसकर्मी खड़े थे। पुलिसकर्मियों ने उसे देखते ही दरवाजा खोलने को कहा। वजह पूछने पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करने लगे। अमीषा ने वारंट मांगा लेकिन किसी ने कोई भी कागज नहीं दिखाया और गेट खोलने की बात कहते रहे। शोरगुल सुनकर उसकी मां व भाई भी बाहर आ गए।