रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से 22 दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी कल अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे रामनगरी को न सिर्फ कई सौगात देंगे बल्कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर एक माहौल भी निर्मित करेंगे। पीएम मोदी के आगमन से पहले सीएम योगी शुक्रवार की दोपहर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करते हुए अफसरों से कहा कि कहीं कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सीएम ने रामलला व हनुमंतलला के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
पीएम मोदी के आगमन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने हनुमानगढ़ी व रामलला के दर्शन-पूजन किए। हनुमानगढ़ी में साधु-संतों से मुलाकात कर कहा कि पीएम का अयोध्या की धरती पर भव्य अभिनंदन होना चाहिए। रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, दूर से ही मंदिर निर्माण देखा और प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों का जायजा लिया। इसके पहले रामकथा हेलीपैड पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस माह में मुख्यमंत्री का तीसरी बार अयोध्या आगमन हुआ है। इससे पहले मुख्यमंत्री 2 दिसंबर और 21 दिसंबर को अयोध्या आए थे। इस दौरान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद लल्लू सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह आदि मौजूद रहे।
लता मंगेशकर चौक पर ली सेल्फी, बच्चों से पूछा हाल
लता मंगेशकर चौक पहुंचकर सीएम ने यहां की खूबसूरती को निहारा। लता मंगेशकर चौक को काफी शानदार ढंग से सजाया गया है। सीएम ने यहां वीणा संग सेल्फी भी ली। सीएम ने आमजन का अभिवादन किया। इसके बाद रामपथ को देखा। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। रामपथ पर मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से भी सीएम ने हालचाल जाना। सीएम ने बच्चों से पूछा कि स्कूल जाते हो..बच्चे भी सीएम का सानिध्य पाकर प्रसन्न दिखे।
रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट का किया निरीक्षण
30 दिसंबर की तिथि अयोध्या के लिए स्वर्णाक्षरों में लिखी जाएगी। इस दिन पीएम नरेंद्र मोदी महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सौगात अयोध्या को देंगे। इसके पहले शुक्रवार को सीएम ने यहां का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का भी जायजा लिया। रेलवे के अधिकारियों से तैयारियों की स्थिति व प्रगति जानी। रेलवे स्टेशन व प्लेटफॉर्म की व्यवस्था से संतुष्ट दिखे। अफसरों को निर्देश दिया कि कहीं किसी प्रकार की कमी न हो
रामायण के प्रसंगों और पंचतत्वों से प्रेरित है एयरपोर्ट की साज-सज्जा
कभी पुष्पक विमान का संचालन देख चुकी अयोध्या आज एक बार फिर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में हवाई यातायात से जुड़ने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 30 दिसंबर को अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया जाएगा। इस एयरपोर्ट का वास्तु और डिज़ाइन बेहद ख़ास है। यह पूरी तरह से श्रीराम के जीवन से प्रेरित है तथा ‘नागर शैली' के आधार पर इसका विकास किया गया है। इसके 7 शिखर हैं जिसमें से एक मुख्य शिखर बीच में और आगे 3 और पीछे 3 शिखर हैं। वहीं, एयरपोर्ट पर प्रभु श्रीराम का चित्रण कई स्तरों पर किया गया है। एयरपोर्ट के बाहर तीर-धनुष का बड़ा म्युरल लगाया गया है जो श्रीराम के पुरुषार्थ का प्रतीक है। वहीं, एयरपोर्ट की लैंडस्केपिंग में रंगों के प्रयोग को पंच तत्वों से प्रेरित होकर रखा गया है। एयरपोर्ट का मुख्य भवन में 7 खंबों का इस्तेमाल किया गया है जो रामायण के 7 काण्ड को दर्शाते हैं।
मधुबनी पेंटिंग में बनी 3 फ्लोर ऊंची श्रीराम दरबार की छवि कर देगी मोहित
वहीं, सभी आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट की सजावट में दो प्रकार की म्यूरल पट्टिकाओं का प्रयोग किया गया है, जिनका नाम दैविक व खंडिका पट्टियां हैं। इसके अतिरिक्त, एक वॉल म्यूरल महाबलि हनुमान को भी समर्पित किया गया है। इसमें हनुमान जी के जन्म से अयोध्या में प्रभु श्रीराम की आज्ञा अनुसार उनके स्थापित होने तक का पूरा चित्रण है। वहीं, 3 फ्लोर ऊँचा राम दरबार और मधुबनी पेंटिंग में बना सीता-राम विवाह का चित्रण यहां आने वाले सभी लोगों का मन मोह लेगा। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट से 11 जनवरी 2024 से अहमदाबाद और अयोध्या के बीच प्रतिदिन 3 उड़ानों का संचालन होगा। वहीं, 6 जनवरी को पहली फ्लाइट दिल्ली से अयोध्या के बीच उड़ान भरेगी। शुरुआती संचालन के बाद इस एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स को ऑपरेशनल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद अयोध्या ग्लोबल सर्किट से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा और यह अयोध्या के लिए खोए गौरव को प्राप्त करने वाला क्षण होगा।