मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति के वितरण के लिए जिला व शासन स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने संस्थानों में विपरीत स्थिति का सामना न करने पड़े, इसलिए निर्धारित समय में उन्हें छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाए। विभागीय मंत्री लगातार इसकी समीक्षा करें। वे शनिवार को गांधी जयंती के मौके पर 1.51 लाख विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति भेजकर समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि कोरोना संकट के कारण शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। निश्चित तिथि तक पंजीकृत 1.51 लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में राशि भेजी जा रही है। अधिकारी समयबद्ध ढंग से शेष पात्र छात्रों के खातों में राशि भेजने का काम करें। वर्ष 2012-13 में इस योजना में 1800 करोड़ रुपये भुगतान हुआ था। हमारी सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 3900 करोड़ रुपये कर दी है।
आजादी के बाद स्वच्छता पर ध्यान देते तो बचतीं कई जानें
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आज से 100 साल पहले भारत के विकास के लिए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया था। आज उनका यह सपना सच हो रहा है। वर्ष 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने पर स्वच्छ भारत मिशन अभियान शुरू किया गया। आजादी के तत्काल बाद इसे शुरू किया जाता तो न जानें कितनी जानें बची होतीं। आज यूपी में इंसेफ्लाइटिस के केसों में 99 प्रतिशत तक की कमी हुई है। पहले 38 जिलों में हर साल 1500-2000 मासूमों की मौतें होती थीं।
अहिंसा के पुजारी ने पाक को दिया मुंहतोड़ जवाब
योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जंयती पर याद करते हुए कहा कि वे महात्मा गांधी के अनुयायी और अहिंसा के पुजारी थे। लेकिन, जब पाकिस्तान ने युद्ध थोपा तो उन्होंने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया। जब दुनिया के देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाया तो उन्होंने हाथ फैलाने के बजाय जय जवान-जय किसान का नारा दिया।
10 छात्रों को वितरित किए छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र
सीएम और राज्यपाल ने 10 विद्यार्थियों को अपने हाथों से मंच पर छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र वितरित किए। इन विद्यार्थियों में अनिरुद्ध, रुचि, रचना, राज निर्मल, विमल, गोल्डी यादव, हिमांशु मौर्या, आदित्य शर्मा, मारिया खातून और सुमन कुमारी शामिल हैं।