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बिजली निजीकरण पर सीएम योगी ने दी सफाई, बोले-निवेश और निजीकरण में फर्क

Sat, 07 Apr 2018 02:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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शुकवार को राजधानी स्थित भाजपा कार्यालय में बीजेपी के स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना किसी भेदभाव के लोक कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में हमने किसानों को लागत से डेढ़ गुना अधिक दाम दिलाने की घोषणा समेत 50 से अधिक योजनाओं की शुरुआत पिछले एक साल में की है। 

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत राज्यपाल राम नाईक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय समेत कई नेता उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश के सबसे पिछड़े जिले बुदेलखंड के विकास का जो खाका तैयार किया गया है, उस पर सरकार ने अमल करना शुरू कर दिया है। बुंदेलखंड को डिफेंस कॉरीडोर के रूप में विकसित करने के लिए सर्वे का काम हो चुका है। जल्द ही डीपीआर का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने रक्षा मंत्री व केंद्र सरकार का आभार जताया।

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बिजली के निजीकरण पर दी सफाई

प्रदेश की बिजली व्यवस्था के निजीकरण पर सीएम योगी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि निजीकरण से जुड़ा कोई प्रस्ताव न कैबिनट ने पास किया था और न ही निजीकरण की कोई बात हुई थी। निवेश और निजीकरण में फर्क होता है। प्रदेश के 1.40 करोड़ परिवारों तक आज भी बिजली नहीं पहुंची है। बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए निवेश किया जा रहा है और निवेश की संभावना से हम पीछे नहीं  हटे हैं।
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किसी से कोई भेदभाव नहीं

दलित संगठनों के भारत बंद में हिंसा और उनके साथ भेदभाव के मुद्दे पर भी सीएम योगी ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि सरकार किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करती। हिंसा में शामिल लोगों की वीडियो फुटेज के माध्यम से पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पीएम आवास योजना, निशुल्क बिजली कनेक्शन जैसी अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ सबसे ज्यादा वंचित वर्ग के लोगों को ही मिल रहा है।
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