प्रदेश की बिजली व्यवस्था के निजीकरण पर सीएम योगी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि निजीकरण से जुड़ा कोई प्रस्ताव न कैबिनट ने पास किया था और न ही निजीकरण की कोई बात हुई थी। निवेश और निजीकरण में फर्क होता है। प्रदेश के 1.40 करोड़ परिवारों तक आज भी बिजली नहीं पहुंची है। बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए निवेश किया जा रहा है और निवेश की संभावना से हम पीछे नहीं हटे हैं।
दलित संगठनों के भारत बंद में हिंसा और उनके साथ भेदभाव के मुद्दे पर भी सीएम योगी ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि सरकार किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करती। हिंसा में शामिल लोगों की वीडियो फुटेज के माध्यम से पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पीएम आवास योजना, निशुल्क बिजली कनेक्शन जैसी अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ सबसे ज्यादा वंचित वर्ग के लोगों को ही मिल रहा है।