प्रदेश सरकार सुप्रीमकोर्ट में किए वादे के मुताबिक राज्य में अग्रिम जमानत की व्यवस्था लागू करने जा रही है। इससे जुड़े विधेयक के मसौदे को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। इस विधेयक को विधानमंडल के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी है।
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार अग्रिम जमानत की व्यवस्था दंड प्रक्रिया संहिता में करने जा रही है। इसे कुछ शर्तों के साथ लागू किया जाएगा। इससे जुड़ा मसौदा तैयार है। दरअसल पिछले दिनों सुप्रीमकोर्ट में प्रदेश सरकार की ओर से एडीशनल एडवोकेट जनरल ने राज्य में अग्रिम जमानत की व्यवस्था लागू करने का वादा किया था।
वित्त वर्ष 2018-19 का पहला अनुपूरक बजट भी कैबिनेट के एजेंडे का हिस्सा है। प्रदेश कैबिनेट करीब 40 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। इनमें पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल होंगी।
लखनऊ में नया चिकित्सा विश्वविद्यालय, बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर, कानपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में डवलप करने के साथ आगरा के बटेश्वर में स्मारक की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। ये चारों स्थान अटलजी से जुड़े हैं। अटलजी के नाम पर प्रदेश में एक आयुष विश्वविद्यालय स्थापना का भी प्रस्ताव है। कैबिनेट इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय करेगी। साथ ही ‘मोदी केयर’ के रूप में पेश की जा रही ‘आयुष्मान भारत’ योजना का भी एलान अनुपूरक बजट में होगा। इस योजना में गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक इलाज की सुविधा देने का पहले ही एलान कर हो चुका है।
योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 को मंजूरी दी थी। इसके तहत निवेश करने वाले उद्यमियों ने सरकार के सामने 10 प्रोजेक्ट का कार्य पूरा होने का हवाला देते हुए नियमानुसार रियायतें व सुविधाएं देने का आवेदन किया था। औद्योगिक विकास विभाग ने करीब 3000 करोड़ रुपये से जुड़े निवेश प्रोजेक्ट पर रियायतें व सुविधाएं देने से जुड़ा प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है जिसे मंजूरी मिल सकती है।
कृषि विभाग ने प्रदेश से प्रसंस्कृत तिल के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए उप्र. प्रसंस्कृत तिल निर्यात प्रोत्साहन योजना तैयार की है। यह योजना 2018 से 2023 तक के लिए प्रस्तावित है। इस योजना को भी कैबिनेट हरी झंडी दे सकती है। सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो के (समूह क और समूह ख के आर्थिक और प्राविधिक पद) सेवा नियमावली-1993 में संशोधन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है।