योगी सरकार ने राजधानी को दमघोंटू हवा से मुक्ति दिलाने के लिए हेलीकॉप्टर से कृत्रिम बारिश कराए जाने का फैसला किया है। इसके लिए तत्काल आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ बैठकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा प्रत्येक शहर में धूल कम करने के लिए नगर निगम और फायर ब्रिगेड के टैंकरों और स्प्रिंकलर से छिड़काव करने और कूड़ा व पराली जलाने पर लगी पाबंदी सख्ती से अमल का निर्णय भी लिया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें वन एवं पर्यावरण विभाग, परिवहन, कृषि, नगर विकास, उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व अन्य प्रमुख अफसर मौजूद थे।
सीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए समुचित कदम न उठाने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरों के जिन हिस्सों में धूल बहुत ज्यादा है, वहां स्प्रिंकलर से छिड़काव की व्यवस्था की जाए।
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राजधानी समेत सभी जिलों में कूड़ा और पराली जलाने पर पाबंदी के आदेश जारी करके ही अफसर चुप न बैठ जाएं, बल्कि जहां इस तरह के मामले आ रहे हैं, वहां मौके पर जाकर उसे रुकवाएं। बैठक में यह बात भी सामने आई कि लखनऊ के आसपास के इलाकों में धान की फसल देरी से काटी गई है इसलिए वहां इनदिनों बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है।