आकाक्षांत्मक विकासखंडों के विकास संबंधी बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सबसे पिछड़े 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों का कायाकल्प किया जाए। चयन कर इनके सामाजिक एवं आर्थिक सुधार के लिए विशिष्ट प्रयासों पर गंभीरता दिखाई जाए। सरकार इन ब्लॉकों का समग्र विकास कराएगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को हुई बैठक में कहा कि 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना के विविध मानकों पर समग्र विकास के प्रयास किए जाएं। विकास इंडिकेटर में बीसी सखी, ग्राम सचिवालय, अमृत सरोवर जैसे प्रयासों को भी शामिल किया जाए। सीएम ने कहा कि मार्च 2022 को बेसलाइन मानते हुए चयनित इंडिकेटर पर ब्लॉकवार सूचना वर्तमान माह के अंत तक एकत्रित कर ली जाए।
इसके बाद हर माह की 15 तारीख तक संबंधित जिलों द्वारा प्रगति विवरण फीड किया जाए। सीएम ने कहा कि इन विकास खंडों की सतत मॉनीटरिंग और वास्तविक स्थिति के सटीक आंकलन के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाना चाहिए। राज्य सरकार के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों संस्थानों के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाए।
पहले नंबर पर है बलरामपुर
सीएम ने प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जनपदों में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और संतोष जताया। कहा कि नीति आयोग द्वारा चिह्नित प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों (बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती) में विकास के सभी मानकों पर सही कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की नवीनतम सूची में यूपी के 5 जिले शीर्ष 10 में शामिल हैं। इनमें बलरामपुर प्रथम स्थान पर है।