मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 500 वर्षों के बाद श्रीराम जन्मभूमि वापस ली जा सकती है तो हम सिंधु भी वापस ला सकते हैं। सिंधी समाज को अपने इतिहास के बारे में अपनी वर्तमान पीढ़ी को बताने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। जनवरी में रामलला अपने मंदिर में फिर से विराजमान होंगे। सीएम योगी रविवार को होटल हॉलिडे इन में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सिंधी अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
ये भी पढ़ें - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले- जातीय जनगणना के मुद्दे पर होगा लोकसभा चुनाव 2024
ये भी पढ़ें - प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले शुरू हो जाएगा श्रीराम एयरपोर्ट, 85 फीसदी कार्य पूरा
सीएम योगी ने कहा कि कोई भी सभ्य समाज आतंकवाद, उग्रवाद या किसी भी प्रकार की अराजकता को कभी मान्यता नहीं दे सकता। अगर मानवता के कल्याण के मार्ग पर हमें आगे बढ़ाना है तो समाज की दुष्प्रवृत्तियों को समाप्त करना होगा। हमारे धर्मग्रंथ भी हमें यही प्रेरणा देते हैं। पूज्य झूलेलाल जी हों या भगवान श्रीकृष्ण, सबने मानव कल्याण के लिए सज्जन के संरक्षण और दुर्जन को समाप्त करने की बात कही है।
सीएम योगी ने कहा कि देश है तो धर्म है, धर्म है तो समाज है और समाज है तो हम सभी का अस्तित्व है। हमारी प्राथमिकता इसी अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का सौभाग्य है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद भारत के अंदर अपने अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि 1947 में बंटवारे जैसी त्रासदी फिर कभी ना आने पाए, इसके लिए हमें राष्ट्र प्रथम का संकल्प लेना चाहिए। राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति खिलवाड़ करने वाले को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए।
शून्य से शिखर तक की यात्रा का सिंधी समाज सबसे बड़ा उदाहरण
सिंधी समाज भारत के सनातन धर्म का अभिन्न हिस्सा है। सिंधी समाज ने सम-विषम परिस्थतियों में अपने पुरुषार्थ से खुद को आगे बढ़ाया है। शून्य से शिखर तक यात्रा कैसे होती है, भारत के अंदर सिंधी समाज इसका बड़ा उदाहरण है।