मुख्यमंत्री ने आधुनिक पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि डाटा एनालिटिक्स के लिए आईआईटी कानपुर की मदद से टूल विकसित किया जाए। सीसीटीवी में वीडियो एनालिटिक्स और मैनेजमेंट तकनीक को भी शामिल करने के निर्देश मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए। एंटी ड्रोन अटैक सिस्टम और ड्रोन फॉरेंसिक के क्षेत्र में तकनीकी विकास की जरूरत बताई गई। सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी एवं 3000 पिंक बूथ की स्थापना के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ग्रुप नियुक्त करने को कहा गया है। प्रस्तुतिकरण मे बताया गया है कि धार्मिक स्थलों के पास भी पिंक बूथ बनाए जाएंगे।
जेलों को सुधार गृह के रूप में करें विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारागार को सुधार गृह के रूप में विकसित किया जाए। कई बार निर्दोष व्यक्ति को भी जेल जाना पड़ जाता है। बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिले की प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं, प्राकृतिक खेती, एमएसएमई इकाइयों, कौशल विकास मिशन से भी इन्हें जोड़ा जाना चाहिए।
संगठित अपराध पूरी तरह से समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश ने बेहतर कानून-व्यवस्था का एक मॉडल पेश किया है। प्रदेश से संगठित अपराध पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अवैध रूप से अर्जित 2081 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। आगे भी माफिया, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होनें कहा कि 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमारी पुलिस 24 घंटे सातों दिन मुस्तैद है।