मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था देश के अंदर नजीर बनी हुई है। बीते पांच वर्षों में कोई दंगा नहीं हुआ। जबकि 2012-17 के बीच 700 से ज्यादा बड़े दंगे हुए थे। महीनों-महीनों तक मुजफ्फरनगर, लखनऊ, बरेली ,...."कोई ऐसा जिला नहीं था, जहां दंगा न हुआ हो। 2017-22 तक प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। कहीं कोई कर्फ्यू नहीं। नई सरकार के गठन के बाद राम नवमी पर सात राज्यों में दंगे हुए, यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ। हनुमंत जयंती पर कोई दंगा नहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमें शिकायत मिलती थी, कि कोई बुजुर्ग है, कोई नवजात शिशु है, कोई बीमार व्यक्ति है, उसकी सहूलियत के लिए धर्मस्थलों पर से अनावश्यक माइक उतरने चाहिए। शोरगुल बंद होना चाहिए। हम ने लोगों से अपील की और अब तक 01 लाख से अधिक माइक या तो उतर चुके हैं या उनकी आवाज कम हो गई है।
उत्तर प्रदेश में यह सब पहले भी हो सकता था, पर पिछली सरकारों में इच्छाशक्ति नहीं थी। हर चीज को वोटबैंक के नजरिये से देखने की जो प्रवृत्ति है, उसने नहीं करने दिया। शायद इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश में अलविदा की नमाज़ सड़कों पर नहीं हुई। ईद के अवसर पर सड़कों पर कोई अराजकता नहीं हुई। शान्तिपूर्ण तरीके से पर्व और त्योहार मनाये गए। 02 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति अपराधियों व माफियाओं से जब्त की गई है। यह पहली बार हो रहा है। सबको सुरक्षा देना हमारा दायित्व है, सुविधा देना सरकार का कार्य है। पर्व और त्योहार शान्तिपूर्ण ढंग से मनवाने में हम सहयोग करेंगे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मैं अभिनन्दन करूंगा धर्मगुरुओं का जिन्होंने शांति और सौहार्द के इस अभियान को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया। और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था आज एक नजीर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा का मुद्दा हो, 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा का मामला हो या कानून-व्यवस्था का मसला हो, यह सब सरकार की प्राथमिकता का बिंदु है। सरकार जीरो टॉलरेंस के साथ इन सब विषयों पर कार्य करेगी। बहुत से लोग कानून व्यवस्था पर उंगली नहीं उठा पा रहे हैं, ऐसे में, वे लोग कुछ न कुछ षड्यंत्र तो करेंगे ही। क्योंकि पब्लिक ने उन्हें किसी और लायक छोड़ा ही नहीं।
सिद्धार्थ नगर में विगत दिनों एक घटना हुई। इसमें पुलिस पार्टी के जाने के बाद वहां जितेंद्र यादव नाम के व्यक्ति ने गोली चलाई थी, मुस्लिम निर्दोष महिला को गोली मारी थी। अवैध असलहे से गोली चलाई गई। अपराधी पकड़ा गया है। कार्रवाई हो रही है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के लिए प्रशासन को पूरी छूट दी गई है। आज अपराधी कोई घटना छुपा नहीं सकता है।
2017 में जब पहली बार हमारी सरकार का गठन हुआ था, उस समय आजमगढ़ में जहरीली शराब से कई मौतें हुई थीं। हम लोग जब इसकी तह में गए तो पता चला कि इसमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों का हाथ था। क्या यह सच नहीं है? हमारे पास इसके पूरे तथ्य हैं प्रमाण हैं, नाम लूंगा तो बुरा लगेगा।