मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनसे सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करने को कहा है। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सकारात्मक दृष्टिकोण न केवल सेवाकाल में बल्कि जीवन में भी उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी संवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को लोक भवन में सीएम योगी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ जनता तक पहुंचे इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी तमाम विषयों और मुद्दों से भली-भांति परिचित हों। उन्हें अपने दायित्वों का भली प्रकार निर्वहन करने के लिए परिश्रमी और तेजी से फैसले लेने में भी सक्षम होना चाहिए। साथ ही मामलों का निस्तारण पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में अधिकारियों को अपनी क्षमता व दक्षता दिखाने का अवसर मिला है। बगैर किसी भेदभाव, दबाव व पक्षपात के जनसंवाद के आधार पर कार्य करके वे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो सकेंगे।
वहीं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) 2020 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को लोक भवन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र से भेंट की। मुख्य सचिव से मिलने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों में अपाला मिश्रा, सदफ चौधरी, गरिमा नौटियाल, दिव्या अखौरी, सृष्टि, अभिषेक कटियार एवं आशीष कुमार वर्मा शामिल थे।