मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अफसरों को भी चेतावनी दी। कहा कि शहरों में अवैध टैक्सी संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय की जाए। टैक्सी स्टैंड का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय प्रशासन के लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि हाईवे व एक्सप्रेसवे पर ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण, स्पीड मापन, त्वरित चिकित्सा सुविधा, सीसीटीवी की व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत बताई। हाईवे पर ट्रकों की कतारें न लगें। यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि माफि या प्रवृत्ति के किसी व्यक्ति को किसी ठेके पट्टे के साथ न जुड़ने दे। एक भी माफिया जुड़ेगा तो उसका पूरा गैंग वहां पर अनैतिक व अवैध गतिविधियों का अड्डा बना देगा।
सामूहिक प्रयास से रुकेंगे सड़क हादसे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ बड़े पैमाने पर अभियान चलाने की जरूरत है। अभियान को दो चरणों में चलाया जाए। पहले चरण में बृहस्पतिवार से पांच दिन जागरूकता पर जोर दिया जाए। उसके बाद नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक वाहन का चालान कराया जाए।
लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर सीओ, एसडीएम जिम्मेदार, उतारे गए लाउडस्पीकर स्कूलों को दे दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अब भी अनावश्यक लाउडस्पीकर लगाए जाने या तेज आवाज में बजने की शिकायत मिलती है तो सर्किल के पुलिस अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर व अन्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं उन्हें आवश्यकता अनुसार निकट के स्कूलों को उपलब्ध कराया जाए।