जानकारों का कहना है कि बिजली कंपनियों के अधिकारियों को पता है कि हर साल गर्मी में एसी का लोड बढ़ता है, लेकिन पहले से इसका आकलन कराकर इंतजाम न किए जाने से ऐन वक्त पर समस्या खड़ी हो जाती है। इतना ही नहीं साल दर साल उपभोक्ताओं की संख्या और लोड भी बढ़ता है लेकिन उसके अनुपात में सिस्टम की क्षमता में इजाफा नहीं हो पाता।
प्रदेश में इस साल उपभोक्ताओं की कुल संख्या 3.26 करोड़ पहुंचने की संभावना है। इसमें 2.91 करोड़ घरेलू उपभोक्ता हैं। 2020-21 में 2.63 करोड़ और 2021-22 में 2.75 करोड़ घरेलू उपभोक्ता थे। घरेलू उपभोक्ताओं का लोड इस साल 3.81 करोड़ केवी से बढ़कर 4.23 करोड़ केवी तक पहुंच जाएगा।
घरेलू उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने वाले ज्यादातर फीडर ओवरलोड हैं। इससे लोगों तक बिजली पहुंच नहीं पा रही है। हालांकि पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करके रोस्टर के अनुसार आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।