मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में धान खरीद की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 6.50 लाख किसानों से 41 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी है। ₹8400 करोड़ की इस खरीद के सापेक्ष वर्तमान में बकाये ₹6700 करोड़ का भुगतान किसानों के बैंक खाते में किया जा चुका है। अवशेष ₹1700 करोड़ का यथाशीघ्र भुगतान करा दिया जाए। प्रदेश के सभी जिलों में डीएपी और यूरिया की उपलब्धता पर नजर रखी जाए। कहीं भी खाद की कमी न हो।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत विगत दिनों बाराबंकी जनपद में एक दिवसीय निवेशक व निर्यातक सम्मेलन आयोजित किया गया था। बाराबंकी के यह प्रयास अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्पद है। ऐसे आयोजन अन्य जिलों में भी किए जाने चाहिए। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए।
विगत सप्ताह प्रदेश में क्रिसमस और नववर्ष के उल्लास के बीच प्रदेश के सभी जिलों में शान्ति और सौहार्द का माहौल रहा। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण लोगों ने सपरिवार निश्चिंत होकर इन विशिष्ट अवसरों का आनंद लिया। अयोध्या, काशी, मथुरा आदि धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। सुरक्षा का यह माहौल आगे भी बना रहे, इसके लिए पुलिस और प्रशासन को हमेशा तत्पर रहना होगा।
प्रयागराज माघ मेले में कल्पवासियों और साधु-संतों की भावनाओं और आवश्यकताओं का सम्मान किया जाए। अंतर विभागीय समन्वय के साथ कार्य हो। कल्पवासियों, श्रद्धालुओं, साधु-संतों, को पूर्व में मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। पुलिस महानिदेशक द्वारा स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें
शीतलहर के बीच निराश्रित जनों की सहायता के लिए प्रदेश में रैन बसेरों की स्थापना की गई है। अब तक 1200 से अधिक रैन बसेरे स्थापित किये गए हैं। जिलाधिकारीगण स्वयं रैन बसेरों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करें। जहां आवश्यकता हो सुधार कराएं। ठंढक के मौसम में सड़क पर कोई भी व्यक्ति सोता हुआ नजर न आए। हर जरूरतमंद को रैन बसेरे की सुविधा उपलब्ध हो। निराश्रित, जरूरतमंद लोगों को अब तक 2.86 लाख कंबल वितरित किये जा चुके हैं। यह क्रम आगे भी जारी रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कंबल आदि राहत सामग्री का वितरण स्थानीय सांसद/विधायक/स्थानीय निकाय चेयरमैन आदि जनप्रतिनिधियों द्वारा ही किया जाएगा। उक्त अवसर पर प्रशासन के अधिकारी सहायतार्थ उपस्थित रहेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर अलाव के समुचित प्रबंध हों। प्रधानमंत्री जी द्वारा आगामी 13 जनवरी को वाराणसी से डिब्रूगढ़ तक सबसे बड़े रिवर क्रूज टूरिज्म के सबसे लंबे रिवर क्रूज 'गंगा विलास इपिक' हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगें। यात्रा के सम्बंध में आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।