प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश में कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1587 एक्टिव केस हैं। 99 फीसदी लोग घर पर ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।इनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो सप्ताह से एनसीआर के जनपद गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में केस बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में 269 नए केस की पुष्टि हुई, जिसमें, गौतमबुद्ध नगर में 117, गाजियाबाद में 55, लखनऊ में 26 और आगरा में 15 नए केस शामिल हैं। जहां केस अधिक मिल रहे हैं वहां सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाना अनिवार्य कर दिया है। हम हर दिन कम से कम डेढ़ लाख कोविड टेस्ट किए जाएं। पॉजिटिव पाए जा रहे लोगों का सैम्पल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग का काम सतत जारी रखें।
प्रदेश में अब तक 11 करोड़ कोविड टेस्ट हो चुके हैं
उत्तर प्रदेश में अब तक 11 करोड़ 14 लाख से अधिक कोविड टेस्ट कर चुके हैं, जबकि कोविड टीके की 31 करोड़ 48 लाख डोज लगाई जा चुकी है। 18+ आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि 88 प्रतिशत से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 95.33 प्रतिशत से अधिक किशोरों को पहली खुराक मिल चुकी है और 66.84 प्रतिशत से किशोरों को दोनों डोज लग चुकी है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण को और तेज किए जाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड स्तर पर 2000-2500 गोवंश क्षमता वाले गो आश्रय स्थल स्थापित करने की योजना बनाएं। प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्था सुचारु रखी जाए। गोवंश को गर्मी अथवा धूप से सुरक्षित रखने के प्रबंध किए जाएं। हरा चारा-भूसा आदि के समुचित प्रबंध हों। इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है। ऐसे में पशु चारे की खरीद अभी कर लेना उचित होगा। दुग्ध समितियों के गठन की प्रक्रिया को और तेज करने की अपेक्षा है।