उत्सव में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान देने के लिए मोक्षदा एकादशी का दिन चुना था। इस आयोजन का उद्देश्य प्रेरणा के साथ एक आह्वान भी है कि आज के समय में गीता के साथ जीने की आवश्यकता है। कोलाहल में ही गीता के उपदेश की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का क्या फायदा जब स्मार्ट सिटीजन ही नहीं होंगे। ऐसे में गीता का ज्ञान लोगों को स्मार्ट बनाने के लिए है। स्वार्थगत तुष्टिकरण के बादल छंट रहे हैं। सनातन का उदय हो रहा है। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि गीता के संदेश को घर घर और जन जन तक पहुंचाने का है। शिक्षा के क्षेत्र में भी गीता आए और बच्चों को शुरुआत से ही गीता के संस्कारों की शिक्षा दी जाए। समाज के हर क्षेत्र में गीता का संदेश पहुंचाना चाहिए।