इसके पहले सोमवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर करीब साढ़े तीन घंटे तक चली भाजपा कोर कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया गया और यह निर्णय लिया गया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार के विकास कार्यों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़े कामों के सहारे चुनाव मैदान में उतरेगी।
बैठक में आरएसएस के सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष के सामने कमेटी के सदस्यों ने चुनावी रणनीति को लेकर सुझाव रखे। वहीं, मुख्यमंत्री ने सुझावों पर पक्ष रखते हुए अपनी सरकार की साढ़े चार साल की प्रमुख उपलब्धियों को कमेटी के सामने रखा।
बैठक में सरकार के सेवा सरोकारों के साथ राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाने की रणनीति पर चर्चा हुई। वहीं पश्चिम में किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर उनकी नाराजगी दूर करने, पिछड़े व अति पिछड़े वोट बैंक को साधने के लिए आगामी दिनों में कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।