मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों के अस्तित्व को बचाने और उनकी खोई गरिमा वापस लाने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश सरकार ने बिना किसी सिफारिश, भेदभाव के शिक्षकों को नौकरी दी है तो उनकी भी सरकार व समाज के प्रति जवाबदेही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया तो उन्हें लंबे समय तक गाली खानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति का कार्यकाल यादगार नहीं हो तो उसका जीवन बेकार है, इसलिए बतौर शिक्षक अपने कार्यकाल को यादगार बनाने का शुरुआत से ही प्रयास करें।
माध्यमिक विद्यालयों के लिए लोक सेवा आयोग से चयनित 2846 सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं के नियुक्ति पत्र वितरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित भी किए। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, प्रशासन और राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे लोग किसी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़कर नहीं आए बल्कि राजकीय इंटर कॉलेजों में ही पढ़े लिखे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में इन राजकीय विद्यालयों के समक्ष अस्तित्व बचाने की चुनौती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का सतत जिज्ञासु बने रहना आवश्यक है। विद्यार्थियों का भविष्य निर्माण करने के लिए शिक्षकों को भी विभिन्न व्यावसायिक कोर्स व शासन की योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए।
पिछली सरकारों में होता था भ्रष्टाचार और बेइमानी का तांडव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियों में बेइमानी, भ्रष्टाचार, वंशवाद और भेदभाव का तांडव होता था। उन्होंने कहा कि ऐसे में योग्य प्रतिभाओं को नौकरी नहीं मिलने से उन्हें पलायन करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से प्रदेश में अब तक साढ़े चार लाख युवाओं को नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पांच वर्ष पूरे होने तक पांच लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी होगी। उन्होंने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा में ही डेढ़ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि निवेश की अनुकूल स्थितियों के कारण प्रदेश में 1.61 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा दिया। इससे अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर घटकर 4.1 प्रतिशत रह गई है। कहा कि यह काम पिछली सरकारों मेंहो सकता है था लेकिन उनकी मंशा नहीं थी।
2022 से नई शिक्षा नीति से आगे बढ़ेगा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से प्रदेश नई शिक्षा नीति के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि नवाचार, शोध और अनुसंधान का माध्यम बनेगी।
पिछली सरकारों में नीलाम होते थे परीक्षा केंद्र : शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों में परीक्षा केंद्र नीलाम होते और बोर्ड परीक्षा मजाक बन गई थी। उन्होंने कहा कि नकल माफिया का आतंक था और पाठ्य सामग्री के चयन तक में भ्रष्टाचार होता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के साढ़े चार साल में शिक्षा व्यापक सकारात्मक बदलाव हुआ है।
रोजगार पुरुष हैं योगी : द्विवेदी
बेसिक शिक्षक मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि इतिहास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विकास पुरुष को रोजगार पुरुष की संज्ञा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी, निजी क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजागार की दृष्टि से योगी सरकार का कार्यकाल एतिहासिक है। कार्यक्रम को राज्यमंत्री गुलाब देवी, एसीएस आराधना शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय, संयुक्त निदेशक भगवती सिंह, विकास श्रीवास्तव और वी.के.पांडेय भी मौजूद थे।