बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए शुक्रवार को निकले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती के बाद अचानक अयोध्या पहुंच गए। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर करीब 10:30 बजे अस्थाई हैलीपैड पर उतरा। यहां सीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दीपोत्सव व लता मंगेशकर चौक के लोकार्पण समारोह की तैयारियां जानीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी न रहे। दीपोत्सव से पहले पूरी अयोध्या को सजाने व संवारने को कहा।
सीएम के बिना किसी पूर्व सूचना के अयोध्या पहुंचने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिले के सभी आला अधिकारी व जनप्रतिनिधि सुबह नौ बजे ही रामकथा पार्क स्थित अस्थाई हैलीपैड पर पहुंच गए। हैलीपैड पर उतरने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क से सटे सरयू होटल(यात्री निवास) में अफसरों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। अफसरों ने सीएम को बाढ़ और राहत कार्य की पूरी जानकारी दी।
बैठक में सीएम ने 28 सितंबर को लता मंगेश्कर चौक का लोकार्पण समारोह से पहले सारी तैयारियां समय से पूरी करने के भी निर्देश दिए। लोकार्पण समारोह से पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे। रामकथा पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। लता मंगेशकर पर लघु फिल्म भी प्रस्तुत की जाएगी और उनके जीवन पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
बैठक में सांसद लल्लू सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह सहित मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीआईजी अमरेंद्र सिंह, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी प्रशांत वर्मा, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह, पर्यटन अधिकारी आरपी यादव सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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अचानक सीएम के कार्यक्रम को लेकर रही हलचल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहले कार्यक्रम तय नहीं था, केवल हवाई निरीक्षण की चर्चा प्रशासन में थी। अचानक जाते समय अयोध्या में रुकने की सूचना पर प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। सुबह से ही पूरे प्रशासन में सीएम के कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर फोन घनघनाने लगे। नौ बजते-बजते पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया। अयोध्या के पास सरयू तट के निकट मुख्यमंत्री के रुकने के स्थल पर भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई। पूरा प्रशासनिक अमला यहां पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनजर रुकने के स्थल के पास से जाने वाली सड़क पर चार पहिया वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया। मुख्यमंत्री यहां थोड़े ही समय के लिए रुके, लेकिन लगभग छह घंटे यहां हलचल की स्थिति रही। सीएम के जाने के बाद अमले ने राहत की सांस ली।
नहीं किए रामलला के दर्शन
सीएम योगी जब भी अयोध्या आते हैं रामलला व हनुमंतलला के दरबार में हाजिरी जरूर लगाते हैं, लेकिन शुक्रवार को वे रामकथा पार्क से ही वापस लौट गए। ऐसा बहुत कम रहा है जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कदम रखा हो और रामलला के दरबार न गए हों।