देश के लिए शहीद होने से बड़ा कोई बलिदान नहीं है। सरकार उन शहीद परिवारों के साथ है जो देश की आन पर कुर्बान हुए हैं। कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
इस मौके पर उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत अगले महीने होने वाले हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर कहा कि देश के शहीदों, प्रतीकों और ध्वज का सम्मान सबको करना चाहिए। इससे समाज में एकता और देश प्रेम की भावना मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों की याद में हर साल कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर बधाई भी दी।
नगर निगम की ओर से आयोजित कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले राजधानी के पांचों कारगिल शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मंच पर आकर शहीद कैप्टन मनोज पांडेय, शहीद लांस नायक केवलांनद द्विवेदी, शहीद राइफल मैन सुनील जंग और मेजर रितेश मिश्रा के परिजनों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
शहीद मेजर आदित्य मिश्र का परिवार हर बार की तरह इस बार भी विजय दिवस पर आयोजित सम्मान कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया।
कार्यक्रम के अंत में महापौर संयुक्ता भाटिया ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व नगर विकास मंत्री व मौजूदा विधायक आशुतोष टंडन गोपाल, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त प्रशासन अभय पांडेय व नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रदीप शुक्ला टिंकू भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। नगर निगम स्कूल के छात्रों ने देश भक्ति पर कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।