इस बीच बालकृष्ण ने यह कहकर हड़कंप मचा दिया कि केंद्र सरकार से स्वीकृत मेगा पार्क प्रोजेक्ट रद्द हो गया है और ऐसा प्रदेश सरकार के अफसरों की उदासीनता के चलते हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट को किसी दूसरे राज्य में ले जाने का फैसला कर लिया गया है। हालांकि, प्रदेश सरकार के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से स्वीकृत मेगा फूड पार्क प्रोजेक्ट रदद् नहीं हुआ है।
बताते हैं कि बालकृष्ण की घोषणा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने इस संबंध में बाबा रामदेव से लंबी बातचीत की। साथ ही तत्काल कोई हल निकालने का आश्वासन दिया। सीएम के निर्देश पर बुधवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने औद्योगिक निवेश आयुक्त और प्रमुख सचिव, खाद्य प्रसंस्करण के साथ बैठक की।
तय हुआ कि पंतजलि को दी गई भूमि में से 91 एकड़ भूमि केंद्रीय परियोजना के लिए दी जाएगी। इसके लिए 2 नवंबर 2016 को पंतजलि आयुर्वेद के लिए दी गई जमीन की शर्तों में संशोधन किया जाएगा। चूंकि पूर्व में निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, इसलिए इस बार भी 12 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में संशोधन प्रस्ताव को रखा जाएगा। सरकार के रुख को देखते हुए उस दिन इस प्रस्ताव पर मुहर लगना तय माना जा रहा है।