फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी नौकरियों में पिछड़ी जातियों की हिस्सेदारी का होगा आकलन, प्रभावी होगी आरक्षण व्यवस्था

Thu, 07 Jun 2018 12:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
reservation
विज्ञापन

प्रदेश में सरकारी सेवाओं में कार्यरत अन्य पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों का आकलन कराया जाएगा। राज्य सरकार उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति की भी पड़ताल कराएगी।

विज्ञापन


इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के बाद रिटायर्ड जस्टिस राघवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में 2 मई को गठित चार सदस्यीय कमेटी किन बिंदुओं पर विचार करेगी, उसकी विषय वस्तु तय कर दी गई है।

कमेटी तीन महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी। प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण ने बुधवार को इस बारे में आदेश जारी कर दिए।

प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि समिति पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं, व्यवस्थाओं व सुविधाओं का विश्लेषण करेगी।
विज्ञापन


पिछड़े वर्ग के तहत विभिन्न वर्गों व जातियों की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति का कमेटी आकलन करेगी। समिति ओबीसी के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के तहत सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग की विभिन्न जातियों की भागीदारी के साथ ही आरक्षण व्यवस्था के अधीन शैक्षणिक क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के विभिन्न वर्गों एवं जातियों की भागीदारी भी देखेगी।

Trending Videos

यह भी करेगी समिति

  • आरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन। 
  • अदालतों के प्रतिपादित सिद्धांतों का सामाजिक न्याय के लिए कैसे उपयोग किया जा सकता है, सुझाव देगी
  • पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं को सामाजिक न्याय के नजरिए से और प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव । 
विज्ञापन

समिति में ये हैं शामिल

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राघवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जेपी विश्वकर्मा, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इकोनॉमिक्स विभाग के प्रो. भूपेंद्र विक्रम सिंह और आजमगढ़ के अधिवक्ता अशोक कुमार राजभर शामिल हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें